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अयोध्या-काशी के बाद अब ‘गोरखनाथ कॉरिडोर’, जुड़ेंगे ये 7 जिले; नेपाल तक होगा आध्यात्मिक सफर

Gorakhnath Corridor: उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. अयोध्या में राम मंदिर, काशी में शिव कॉरिडोर और मथुरा में कृष्ण सर्किट के बाद अब सरकार गुरु गोरखनाथ से जुड़े धार्मिक स्थलों को जोड़कर नया आध्यात्मिक कॉरिडोर विकसित करने जा रही है. इस परियोजना का उद्देश्य नाथ संप्रदाय से जुड़े मंदिरों, गुफाओं और ध्यान स्थलों को एक सर्किट में शामिल कर श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा सुविधा देना है.

अयोध्या-काशी के बाद अब ‘गोरखनाथ कॉरिडोर’, जुड़ेंगे ये 7 जिले; नेपाल तक होगा आध्यात्मिक सफर
अयोध्या-काशी के बाद अब ‘गोरखनाथ कॉरिडोर’, जुड़ेंगे ये 7 जिले; नेपाल तक होगा आध्यात्मिक सफर

सरकार इस पूरे कॉरिडोर का मुख्य केंद्र गोरखपुर को बना रही है, जहां स्थित गोरखनाथ मंदिर नाथ परंपरा का सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां हर साल देशविदेश, खासकर नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित गुरु गोरखनाथ सर्किट में उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों को शामिल किया जाएगा. इनमें महोबा, चित्रकूट, बरेली, अमेठी, अयोध्या, गोरखपुर और बलरामपुर शामिल हैं.

गोरखगिरी पर्वत को विकसित किया

सरकार इन सभी स्थानों को बेहतर सड़क संपर्क, आधुनिक सुविधाओं और पर्यटन ब्रांडिंग के जरिए एकदूसरे से जोड़ने की तैयारी में है. गोरखनाथ मंदिर इस पूरे धार्मिक सर्किट का प्रमुख केंद्र होगा. नाथ संप्रदाय के श्रद्धालुओं के लिए यह सबसे बड़ा आस्था स्थल माना जाता है. वहीं महोबा के गोरखगिरी पर्वत को करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है, जहां ध्यान केंद्र और यात्रियों के लिए सुविधाएं तैयार की गई हैं.

नेपालभारत के बीच धार्मिक पर्यटन

इसके अलावा बरेली में अलखनाथ और त्रिवतीनाथ मंदिरों के विकास का काम चल रहा है. अमेठी में गुरु गोरखनाथ की 25 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है, जो इस सर्किट का बड़ा आकर्षण बन सकती है. सरकार इस सर्किट को नेपाल से जोड़ने की योजना पर भी काम कर रही है. नेपाल में नाथ संप्रदाय के अनुयायियों की बड़ी संख्या है. इससे भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.

इस परियोजना से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिल सकते हैं. साथ ही श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में कई धार्मिक स्थलों के दर्शन करने की सुविधा मिलेगी. यूपी सरकार का यह नया गुरु गोरखनाथ सर्किट आने वाले समय में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है.

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