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जम्मू-कश्मीर में 21 लाख: किताबों की जांच के बाद 4,249 किताबें हटाई गईं, 19 प्रतिबंधित टाइटल की 518 प्रतियां भी बाहर

जम्मू-कश्मीर में 21 लाख: किताबों की जांच के बाद 4,249 किताबें हटाई गईं, 19 प्रतिबंधित टाइटल की 518 प्रतियां भी बाहर

जम्मू-कश्मीर में किताबों को लेकर इन दिनों बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश में 21,81,582 किताबों और अन्य प्रकाशनों की जांच की जा चुकी है। समीक्षा के बाद 4,249 किताबों को लाइब्रेरी के सर्कुलेशन से हटा दिया गया, जबकि अलग से पहले से प्रतिबंधित 19 टाइटल की 518 प्रतियां भी हटाई गई हैं।

इस मुद्दे ने विधानसभा में राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। वहीं 2025 में औपचारिक रूप से प्रतिबंधित किए गए कुछ किताबों से जुड़े आदेश को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में चुनौती भी दी गई है।

आखिर इतनी बड़ी संख्या में किताबों की जांच क्यों हुई?

जम्मू-कश्मीर के उच्च शिक्षा विभाग ने विधानसभा में बताया कि कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में मौजूद किताबों की समीक्षा के लिए स्पष्ट और निर्धारित मानदंड अपनाए गए।

सरकार के अनुसार, उच्च शिक्षण संस्थानों में ऐसी सामग्री होनी चाहिए जो संवैधानिक मूल्यों, अकादमिक स्वतंत्रता, आलोचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा दे। इसी आधार पर किताबों और अन्य प्रकाशनों की जांच की जा रही है। समीक्षा की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

21.81 लाख किताबें जांचीं, 4,249 सर्कुलेशन से बाहर

विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 21,81,582 किताबों और प्रकाशनों की जांच हुई है।

इनमें:

  • 12,48,641 किताबें कश्मीर डिवीजन में जांची गईं।
  • 9,32,941 किताबें जम्मू डिवीजन में जांची गईं।
  • समीक्षा के बाद 4,249 किताबें सर्कुलेशन से हटाई गईं।
  • इनमें 3,996 किताबें कश्मीर और 253 किताबें जम्मू डिवीजन से थीं।
  • इसके अलावा 1,752 किताबों को विशेषज्ञ जांच के लिए डायरेक्टर कॉलेज के पास भेजा गया है।

यानी अभी भी बड़ी संख्या में किताबों की समीक्षा जारी है और विभाग ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया में और समय लग सकता है।

19 प्रतिबंधित टाइटल की 518 प्रतियां भी हटाई गईं

4,249 किताबों के अलावा सरकार ने विधानसभा में बताया कि S.O. 203, दिनांक 5 अगस्त 2025 के तहत पहले से प्रतिबंधित 19 टाइटल की 518 प्रतियां भी सर्कुलेशन से हटाई गईं। इनमें 478 प्रतियां कश्मीर और 40 जम्मू डिवीजन से बताई गई हैं।

इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर सर्कुलेशन से हटाई गई किताबों/प्रतियों की संख्या 4,767 होती है। लेकिन 4,249 किताबों को 19 औपचारिक रूप से प्रतिबंधित टाइटल के साथ मिलाकर “सभी किताबें बैन” कहना सही नहीं होगा।

विधानसभा में क्यों उठा मामला?

आवामी इत्तेहाद पार्टी के विधायक शेख खुर्शीद ने विधानसभा में किताबों की समीक्षा

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