CrimeIndiaTrendingUttar Pradesh

आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

Agra Murder: आगरा में फिल्म दृष्यम जैसे हुए मर्डर ने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, पत्नी ने पति की हत्या कर उसका शव दफना दिया। फिर 46 दिन तक पुलिस को गुमराह करती रही। पत्नी रूबी के घर का बाथरूम करीब दस फीट लंबा और साढ़े चार फीट चौड़ा है। उसी के फर्श के नीचे से पुलिस ने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। नींद की गोलियां खीर में देकर पत्नी हत्या तो अकेले कर सकती है लेकिन अकेले शव ठिकाने नहीं लगा सकती। पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है।

पुलिस ही नहीं मोहल्ले वालों और परिजनों के जेहन में भी कई सवाल हैं। जिनके जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। रूबी ने बताया कि खीर में नींद की गोलियां दी थीं जिससे पति मर गया। 18 जून की सुबह पति का शव पलंग पर था। सास और बेटियां वायु विहार जेठ के घर चली गईं। उसने 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई। बाथरूम का फर्श तोड़ा। शव को घसीटते हुए बाथरूम में लेकर आई। शव को बाथरूम में लिटाया। ऊपर से नमक फिर मिट्टी डाली और आखिर में उसे समतल किया।19 जून को मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर कराया। यहां तक कि एक दिन में फर्श सूख गया। इसके एक दिन बाद पतनी खुद जेठ के घर गई और बताया कि पति चार दिन से घर पर नहीं हैं, पता नहीं कहां चले गए।

रूबी की बात सुनकर पुलिस फिर भी असमंजस में है। यह मानकर चल रही है कि इस वारदात में कोई न कोई और शामिल रहा होगा। रूबी ने पूछताछ में यह बताया कि नींद की गोलियां उसकी सास खाती हैं। पति भी खाया करते थे। इसलिए नींद की गोलियां घर में ही मौजूद थीं। पति से परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। शव को इसलिए छिपाया ताकि जेल नहीं जाना पड़े। बेटियों की अकेले देखभाल कर सकते। इससे पहले जब भी पत्नी ने पति को मारा है तो इसके पीछे अवैध संबंधों का मामला निकला है। इसलिए पुलिस इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।

इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

16 नींद की गोलियां खाने से किसी की मौत हो सकती है क्या। ऐसा तो नहीं पत्नी ने गला भी दबाया हो।

बाथरूम दस फीट लंबा और करीब साढ़े चार फीट चौड़ा है। आखिर में इंडियन सीट करीब आठ इंच ऊंचाई पर लगी थी। शेष बाथरूम का फर्श नीचा था।

शव को उस हिस्से में दफनाया गया जहां परिजन नहाया करते थे। पहले से पक्का फर्श था। उसे तोड़ा गया। करीब आधा फीट खुदाई की गई। शव दफनाया गया। उसके बाद मिट्टी डाली गई।

सवाल यह उठ रहा है कि यह सब कुछ अकेले रूबी ने कैसे कर लिया। मिस्त्री ने तो सिर्फ सीमेंट किया था।

बाथरूम में सीमेंट से पहले लेवल चेक किया जाता है। ताकि पानी की निकासी में दिक्कत न हो। रूबी यह कैसे कर सकती है।

सुरेंद्र शर्मा की लंबी और वजन कितना था। शव को बाथरूम में बिना गड्ढा खोदे दफनाया नहीं जा सकता।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply