अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पिछले दिनों हुए बहुचर्चित डबल एनकाउंटर मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अलीगढ़ के जिलाधिकारी ने इस पूरे पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही डीएम ने आम जनता और गवाहों से इस मामले से जुड़े साक्ष्य व सबूत 10 जून तक पेश करने को कहा है।

अलीगढ़
पिछले दिनों हुए डबल एनकाउंटर का मामला
DM ने एनकाउंटर पर बैठाई मजिस्ट्रियल जांच
SSP के नेतृत्व में हुआ था डबल एनकाउंटर
18 महिलाओं से लूट में 2 बदमाश ढेर हुए थे
मोमिन, रजा मोहम्मद का हुआ था एनकाउंटर
डीएम ने 10 जून तक सबूत पेश करने को कहा
अतरौली थाना इलाके में… pic.twitter.com/M5A9jqb5y9
— भारत समाचार | Bharat Samachar June 6, 2026
यह एनकाउंटर अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अतरौली थाना इलाके में हुआ था, जिसमें दो शातिर अपराधी मारे गए थे।
18 महिलाओं से लूट करने वाले मोमिन और रजा मोहम्मद हुए थे ढेर
गौरतलब है कि पिछले दिनों अतरौली थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच तीखी मुठभेड़ हुई थी। इस डबल एनकाउंटर में पुलिस ने दो सगे या साथी बदमाशों, मोमिन और रजा मोहम्मद को मार गिराया था।
खूंखार अपराधी: मारे गए दोनों बदमाशों पर इलाके में दहशत फैलाने और करीब 18 महिलाओं से सरेराह लूटपाट व छिनैती करने का गंभीर आरोप था।
सराहना और सवाल: एसएसपी के नेतृत्व में हुई इस त्वरित कार्रवाई के बाद जहां पुलिस की पीठ थपथपाई जा रही थी, वहीं नियमानुसार ऐसे गंभीर मामलों की निष्पक्षता जांचने के लिए अब मजिस्ट्रेट स्तर की जांच बैठाई गई है।
जिलाधिकारी की अपील: 10 जून तक सौंपे सबूत
मानवाधिकार आयोग और कानूनी गाइडलाइंस के तहत पुलिस मुठभेड़ के मामलों की न्यायिक या मजिस्ट्रियल जांच अनिवार्य होती है। इसी क्रम में अलीगढ़ डीएम ने जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए सार्वजनिक नोटिस जारी किया है।
सबूत पेश करने का अंतिम अवसर: जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यदि इस एनकाउंटर को लेकर किसी के पास कोई शिकायत, चश्मदीद गवाही, वीडियो या अन्य कोई साक्ष्य मौजूद है, तो वह 10 जून तक जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करा सकता है और सबूत सौंप सकता है। निर्धारित समय सीमा के बाद जांच रिपोर्ट फाइनल कर शासन को भेज दी जाएगी।
अतरौली थाना इलाके में हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
डीएम द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद अतरौली थाना पुलिस और एनकाउंटर टीम में भी हलचल तेज हो गई है। पुलिस की ओर से मुठभेड़ से जुड़े सभी दस्तावेज, केस डायरी, फॉरेंसिक रिपोर्ट और रिकवर किए गए हथियारों की डिटेल जांच अधिकारी को सौंपने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
पिछले दिनों हुए डबल एनकाउंटर का मामला


