
कमरौली , अमृत विचार। निर्माणाधीन प्रगटेश्वर हनुमान मंदिर परिसर में जलभराव और जलनिकासी की समस्या को लेकर शुक्रवार को मामला गरमा गया। पानी भरने से नाराज मंदिर के महंत हनुमंत चेतन अनशन पर बैठ गए। उनके समर्थन में सैकड़ों ग्रामीण और श्रद्धालु गांव के मुख्य मार्ग पर धरने पर डटे रहे। धरनास्थल पर भजनकीर्तन भी चलता रहा।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नाला बंद होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई, जिससे मंदिर परिसर में पानी भर गया।
ग्रामीणों ने नाला खुलवाने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। महंत ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी दी।मामले की सूचना पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। तहसीलदार राहुल सिंह ने तत्काल जेसीबी बुलाकर वैकल्पिक जलनिकासी की व्यवस्था शुरू कराई। मंदिर परिसर में जमा पानी निकालने के लिए नाले की सफाई और पानी के निकास का रास्ता खोलने का कार्य कराया जा रहा है।
मौके पर लेखपाल अनिल कुमार और एडीओ पंचायत जगदीशपुर ओम प्रकाश मौजूद रहकर कार्य की निगरानी कर रहे हैं। वहीं थाना प्रभारी मुकेश पटेल मय फोर्स के साथ मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन की कार्रवाई से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी है, हालांकि ग्रामीण स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग पर कायम हैं।गौरतलब है कि वर्ष 2025 में हनुमान जी की मूर्ति प्रकट होने के बाद बनभारिया में यह स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना। यहां भजनकीर्तन, हनुमान चालीसा पाठ और भंडारे आयोजित होते रहे हैं।
इसी क्रम में प्रगटेश्वर हनुमान मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसका शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह ने पूजाअर्चना के साथ किया था। विधायक सुरेश पासी और ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह ने मंदिर निर्माण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया था।फिलहाल जेसीबी से वैकल्पिक जलनिकासी का कार्य जारी है और प्रशासन ग्रामीणों से वार्ता कर रहा है।



