
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है और दोनों देशों के बीच जारी युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों पर लगातार नजर रख रहा है और होर्मुज स्ट्रेट पर उसका मजबूत नियंत्रण है।
जीबी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में इसलिए शामिल हुआ, क्योंकि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों से पहले ईरान परमाणु हथियार बनाने से महज दो से चार सप्ताह दूर था। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद वे पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
परमाणु ठिकानों पर अंतरिक्ष से नजर
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपनी अंतरिक्ष निगरानी क्षमता के जरिए ईरान के परमाणु स्थलों और ‘पिकएक्स माउंटेन’ नामक स्थान पर नजर रख रहा है। उन्होंने दावा किया कि अंतरिक्ष से इन ठिकानों पर आनेजाने वालों तक की निगरानी की जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, तीन परमाणु स्थलों पर मौजूद सामग्री अब पहाड़ों के लाखों टन मलबे के नीचे दब गई है, जिससे उसे निकालना बेहद मुश्किल होगा।
यूरोप को भी दी चेतावनी
ट्रंप ने यूरोपीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो उससे अमेरिका के मुकाबले यूरोप को ज्यादा खतरा होता। ब्रिटिश पत्रकार बेव टर्नर से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के परमाणु खतरे से यूरोप को भी बचा रहा है।
ईरान की नौसेना और वायुसेना को हराने का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को परास्त कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में ईरान के रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने कहा कि इस क्षेत्र पर अमेरिका का मजबूत नियंत्रण है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना हर रात 30 से 40 नौकाओं को निष्क्रिय कर रही है और इसके बावजूद बड़ी मात्रा में तेल इस मार्ग से बाहर निकल रहा है।
ईरान में महंगाई 300 फीसदी तक पहुंचने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से कमजोर हो रही है और वहां महंगाई 300 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि, इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई प्रमाण पेश नहीं किया। ट्रंप ने युद्ध में अमेरिका की भागीदारी का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिकी मतदाताओं को इसके उद्देश्य के बारे में समझाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सही फैसला लिया है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पहुंचा नुकसान आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा।
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