Satya Report: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरानअमेरिका/इजरायल के बीच जारी टकराव का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। जहां कई देश इस संकट से जूझ रहे हैं, वहीं एक छोटा सा देश इस हालात में जबरदस्त कमाई कर रहा है। यह देश है पनामा, जिसकी किस्मत होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़े खतरे के बाद अचानक चमक उठी है। आपको बता दें कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। लेकिन मौजूदा हालात में यह रास्ता असुरक्षित हो गया है। ऐसे में तेल और गैस से भरे जहाज अब पनामा नहर का रुख कर रहे हैं, जो फिलहाल सबसे सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है।

एक टैंकर से ₹37 करोड़ तक की कमाई
पनामा नहर से गुजरने के लिए जहाजों को फीस देनी होती है, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण अब यहां स्लॉट की नीलामी हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक जहाज ने जल्दी रास्ता पाने के लिए 40 लाख डॉलर यानी करीब ₹37 करोड़ तक की एक्स्ट्रा बोली लगाई। इससे साफ है कि पनामा इस संकट के बीच रिकॉर्ड कमाई कर रहा है।
नीलामी से बढ़ रही आमदनी
आम तौर पर पनामा नहर से गुजरने का खर्च 3 से 4 लाख डॉलर के बीच होता है। पहले कंपनियां जल्दी निकलने के लिए कुछ लाख डॉलर एक्स्ट्रा देती थीं, लेकिन अब यह रकम तेजी से बढ़कर कई गुना हो गई है। लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण कंपनियां ज्यादा पैसे देकर जल्दी रास्ता पाने की कोशिश कर रही हैं।
ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि पनामा नहर के महंगे होने से वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है। इससे तेल, गैस और अन्य जरूरी सामान की कीमतों में आने वाले समय में और बढ़ोतरी हो सकती है।
पनामा की बढ़ी अहमियत
मौजूदा हालात में पनामा नहर की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। कंपनियां इसे सुरक्षित और भरोसेमंद ऑप्शन मान रही हैं, जिससे इस छोटे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा हो रहा है।



