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​गुरदासपुर में कांस्टेबल पर हमला साबित करता है कि पंजाब में नशा माफिया बेखौफ: रंधावा

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गुरदासपुर में कथित तौर पर नशा तस्करों की तरफ से पुलिस कांस्टेबल करणप्रीत सिंह की बेरहमी से पिटाई कर उनकी टांगें तोड़ने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि पंजाब में नशा माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं।

रंधावा ने कहा कि पंजाब में नशे की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों से नशे की तस्करी धड़ल्ले से जारी है, लेकिन सरकार सप्लाई चेन तोड़ने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि जब कानून लागू कराने वाले पुलिसकर्मियों पर ही नशा तस्कर हमला कर रहे हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुरदासपुर हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। कहा कि सरकार तुरंत नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने को ठोस कदम उठाए। सिर्फ अभियान चलाकर या इश्तिहार बाजी करके नशे को न तो खत्म किया जा सकता है और न ही इसकी चेन की सप्लाई को तोड़ा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कानून व्यवस्था पहले ही सरकार के लिए सिरदर्द बनी है।

उन्होंने कहा कि यह महज विपक्ष का आरोप नहीं है, बल्कि खुद पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि राज्य सरकार नशा खत्म करने की अपनी गारंटी पूरी नहीं कर पाई। रंधावा ने सवाल उठाया कि जब सरकार की विफलता उसके अपने शीर्ष पदाधिकारी स्वीकार कर रहे हैं, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

रंधावा ने कहा कि पंजाब की जेलों में बंद करीब आधे कैदी और विचाराधीन कैदियों का नशे का आदी होना इस बात का गंभीर संकेत है कि राज्य में नशे का जाल समाज की जड़ों तक फैल चुका है। इसके बावजूद सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि नशा तस्करों का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। सरकार इस पर पंजाब के लोगों को जवाब दे। पंजाब के लोग अब आम आदमी पार्टी को जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं।

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