देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. पहले बात गोल्ड की करें तो लगातार 6वें दिन गिरावट देखने को मिली और इस दौरान सोना 11 हजार रुपए सस्ता हो गया. वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और दो दिनों में चांदी 10 हजार रुपए सस्ती हो गई. जिसकी वजह से चांदी दो हफ्तों के लोअर लेवल पर दिखाई दी. जानकारों की मानें तो विदेशी बाजारों में गिरावट का असर देखने को मिल रहा है. वास्तव में अमेरिका के सेंट्रल बैंक की ओर से ब्याज दरों में इजाफे के संकेत मिल रहे हैं. जिसकी वजह से सोने और चांदी की कीमतों में प्रेशर देखने को मिल रहा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर दिल्ली में सोने और चांदी के दाम कितने हो गए हैं…

6 दिन में 11 हजार रुपए सस्ता हुआ सोना
ग्लोबल मार्केट में गिरावट के रुख के कारण, बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में लगातार छठे सेशन में गिरावट जारी रही और भाव 2,100 रुपये गिरकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए. 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत मंगलवार के 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के क्लोजिंग लेवल से 2,100 रुपये गिरकर लगभग तीन हफ़्ते के निचले स्तर 1,56,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई. पिछले छह ट्रेडिंग सेशन में सोने की कीमत में 11,000 रुपये की गिरावट आई है; 25 अगस्त को इसका भाव 1,67,100 रुपये दर्ज किया गया था. सोना आखिरी बार 14 अगस्त को मौजूदा लेवल के आसपास देखा गया था, जब इसका भाव 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम था.
चांदी में लगातार दूसरे दिन गिरावट
HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि बुधवार को कीमती धातुओं पर भारी बिकवाली का दबाव बना रहा और स्पॉट गोल्ड तीन हफ्ते से ज्यादा समय के निचले स्तर पर आ गया. चांदी की कीमतों में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और यह 5,000 रुपये गिरकर दो हफ़्ते के निचले स्तर 2,35,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. लोकल ट्रेडर्स के अनुसार, पिछले सेशन में चांदी का भाव 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम था. चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा ने कहा कि वेस्ट एशिया में संघर्ष बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ी हैं और महंगाई तथा ब्याज दरें बढ़ने की आशंका पैदा हुई है, जिससे चांदी पर दबाव बढ़ा है.
विदेशी बाजारों में सोना और चांदी
इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 25.24 डॉलर या 0.58 प्रतिशत बढ़कर 4,303.12 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 63.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. मिरे एसेट शेयरखान में कमोडिटीज़ के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि स्पॉट गोल्ड अभी भी US फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाओं से जूझ रहा है. सिंह ने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों के साथसाथ फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के सख्त बयान भी आए हैं, जिन्होंने कहा है कि अगर महंगाई तेज़ी से कम नहीं होती है तो कार्रवाई की जानी चाहिए.?
अमेरिका सेंट्रल बैंक की वजह से बढ़ रहा प्रेशर
इस बीच, ब्याज दरें बढ़ने की चिंताओं के फिर से उभरने के कारण, लगातार सात सत्रों तक निवेश आने के बाद ग्लोबल गोल्डबैक्ड एक्सचेंजट्रेडेड फंड्स से नेट आउटफ्लो देखा गया. कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों ने तेल की दरों को बढ़ा दिया, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं. आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड की कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि निवेशक फेडरल रिजर्व के अगले कदम का संकेत पाने के लिए अमेरिका के लेबर मार्केट डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं.



