दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए पूरी अयोध्या को पारंपरिक दीपों के साथ आधुनिक रोशनी से सजाया गया है. राम की पैड़ी पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने काम शुरू हो गया है. जबकि धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभों के जरिए रामायण के प्रसंग दिखाए जा रहे हैं.

अयोध्या में लेजर शो भी हुआ.नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 1212 फीट ऊंचे ये स्तंभ डिजिटल लाइट शो का हिस्सा होंगे.
अयोध्या में भगवान श्रीराम के वनवास से लौटकर आने की स्मृति में दीपोत्सव को लेकर रामनगरी में उत्सव का माहौल है. शनिवार को उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से अयोध्या में भव्य शोभायात्रा निकाली गई.
दीपोत्सव को लेकर पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह है. अयोध्या के होटल पूरी तरह बुक हो चुके हैं. मुंबई, गुजरात और बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों से लोग इस भव्य आयोजन को देखने के लिए रामनगरी पहुंच रहे हैं.
दीपोत्सव के दसवें संस्करण के आयोजन की शुरुआत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है. इस बार दीपोत्सव में सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके जरिए एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है.
शोभायात्रा की शुरुआत साकेत महाविद्यालय से हुई, जो राम कथा पार्क में जाकर समाप्त होगी. इस भव्य यात्रा में कुल 21 झांकियां शामिल की गई हैं. इनमें रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को दर्शाया गया है.



