
हैदरगढ़/बाराबंकी, अमृत विचार। पूरे क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदरों के हमले में क्षेत्रवासी घायल हो रहे हैं, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के बारा और अमिलहरा गांव में पिछले कई दिनों से बंदर आतंक का पर्याय बने हुए हैं। पिछले दो दिनों में बंदरों के हमले में बारा गांव निवासी छोटेलाल पाल पुत्र जगन्नाथ, प्रमोद पाल पुत्र मिलन पाल, रूबिया बानो पत्नी अब्दुल रहीम और संतोष पांडेय पुत्र भगौती घायल हो चुके हैं।
वहीं, बीते शुक्रवार को रामपुर बारा गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल से पढ़कर घर लौट रहे अमिलहरा गांव निवासी अगम पुत्र कमल वाजपेयी पर रास्ते में बंदर ने हमला कर दिया। हमले में अगम बुरी तरह घायल हो गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आए दिन बंदरों के हमले हो रहे हैं, जिससे खासकर स्कूली बच्चों के अकेले आनेजाने में खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में घूम रहे हिंसक एवं आवारा बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
यह भी पढे़ं:



