CBDT ने इनकम टैक्स रूल्स 2026 में बड़ा बदलाव करते हुए देश भर के टैक्यपेयर्स और टैक्स प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत दी है. आयकर विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत फॉर्म 169 और फॉर्म 171 के मौजूदा प्रारूप में आवश्यक सुधार और बदलाव किए गए हैं. इसके साथ ही, सीबीडीटी ने इन फॉर्मों को दाखिल करने और इनसे जुड़ी अनिवार्य टैक्स कंप्लायंस प्रोसेस की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है, जिससे करदाताओं को अपने दस्तावेज सही विवरण के साथ जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है.

इनकम टैक्स नियमों में यह नया बदलाव टैक्स कंप्लायंस प्रोसेस को अधिक ट्रांसपेरेंट, आसान और सुगम बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है. तकनीकी पहलुओं और टैक्सपेयर्स के सुझावों को ध्यान में रखते हुए सीबीडीटी ने नए संशोधित फॉर्मों को काफी आसान बना दिया है. कंप्लायंस डेट्स में विस्तार मिलने से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स , कॉरपोरेट्स और संबंधित टैक्सपेयर्स को अंतिम समय की आपाधापी और सर्वर संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी, जिससे वे बिना किसी लेट फीस या पेनाल्टी के अपनी डिटेल दर्ज करा सकेंगे.
इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन में बदलाव
इस बदलाव से नियम 176 में कम्युनिकेशन के तरीके से जुड़ी शब्दावली में बदलाव किया गया है. ‘डिजिटल सिग्नेचर लगाकर’ शब्दों की जगह ‘इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन के जरिए’ शब्द जोड़े गए हैं.
टैक्स रिकवरी नियमों में बदलाव
CBDT ने नियम 225 में भी संशोधन किया है, जो टैक्स रिकवरी से संबंधित है. इस नियम के तहत कई प्रावधान हटा दिए गए हैं. इनमें गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े प्रावधान शामिल हैं. इस संशोधन से टैक्स रिकवरी नियमों के संबंधित प्रावधानों से गिरफ्तारी और हिरासत का जिक्र हटा दिया गया है.
वैल्यूअर्स के लिए समयसीमा बढ़ाई गई
यह संशोधन उन लोगों को ज्यादा समय देगा जो वैल्यूअर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं. नियम 246 के तहत, पहले तय की गई 30 सितंबर, 2026 की समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 कर दिया गया है. अब आवेदकों के पास रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस पूरा करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय होगा.
प्रैक्टिशनर्स के लिए समयसीमा बढ़ाई गई
नियम 256 के तहत भी इसी तरह की समयसीमा बढ़ाई गई है. रजिस्टर्ड इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की जो समयसीमा पहले 30 सितंबर, 2026 तय की गई थी, उसे अब बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 कर दिया गया है.
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की समयसीमा
वित्त वर्ष 20262027 के लिए इनकम टैक्स ऑडिट की समयसीमा 30 सितंबर, 2026 है और यह टैक्सपेयर्स के एक खास समूह पर लागू होती है. इनकम टैक्स ऑडिट सिर्फ चार्टर्ड अकाउंटेंट ही कर सकते हैं, और CA को ऑडिट पूरा करके टैक्सपेयर की ओर से ITR ईफाइलिंग सिस्टम पर टैक्स ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करनी होती है. इनकमटैक्स एक्ट, 1961 की धारा 44AB के तहत उन्हें अपने अकाउंट्स का ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से करवाना होगा और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी.



