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दूसरी​​​ शादी के विवाद में पति के माता-पिता और पहली पत्नी को बड़ी राहत, पटना हाईकोर्ट ने रद्द किया आपराधिक मुकदमा

दूसरी​​​ शादी के विवाद में पति के माता-पिता और पहली पत्नी को बड़ी राहत, पटना हाईकोर्ट ने रद्द किया आपराधिक मुकदमा

पटना, बिहार: दूसरी शादी से जुड़े एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने पति के माता-पिता और उसकी पहली पत्नी को राहत दी है। अदालत ने इन तीनों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल किसी व्यक्ति का रिश्तेदार होने के आधार पर उसे बहुविवाह या कपटपूर्ण विवाह जैसे अपराधों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके लिए शिकायत में संबंधित व्यक्ति की भूमिका से जुड़े ठोस आरोप और कानूनी आधार होना जरूरी है।

वैवाहिक वेबसाइट के जरिए हुई थी मुलाकात

यह मामला सहरसा की एक महिला की शिकायत से जुड़ा है। महिला के अनुसार, उसकी मुलाकात वैवाहिक पोर्टल के माध्यम से अमित कुमार राय से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राय ने खुद को अविवाहित और बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बताया था।

महिला का कहना था कि जून 2022 में मंदिर में हुई कथित शादी से पहले उसके परिवार ने नकद राशि, आभूषण, होटल की बुकिंग और उपहारों पर 36.5 लाख रुपये से अधिक खर्च किए थे।

शादी के बाद सामने आई पहली शादी की बात

शिकायतकर्ता के मुताबिक, शादी के बाद राय ने पारिवारिक शोक का हवाला देते हुए उसे पटना के एक होटल में ठहराया। महिला ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2022 में उसके पति के माता-पिता और पहली पत्नी ने उसे बताया कि राय पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि राय के बिहार पुलिस में अधिकारी होने की बात भी सही नहीं थी।

इन आरोपों के आधार पर मामला अदालत पहुंचा, जहां पति के माता-पिता और पहली पत्नी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी गई।

हाईकोर्ट ने क्यों रद्द की कार्यवाही?

न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव ने भारतीय दंड संहिता की धारा 494, 495 और 496 का उल्लेख करते हुए कहा कि बहुविवाह और कपटपूर्ण विवाह से संबंधित अपराधों की जिम्मेदारी परिवार के अन्य सदस्यों पर अपने आप नहीं डाली जा सकती।

अदालत के अनुसार, किसी रिश्तेदार के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखने के लिए उसकी कथित भूमिका से जुड़े विशिष्ट आरोप और कानूनी आधार जरूरी हैं। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पति के माता-पिता और पहली पत्नी के खिलाफ चल रही कार्यवाही रद्द कर दी।

इस फैसले से संबंधित तीनों को इस मामले में राहत मिली है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में पति के खिलाफ मामले की आगे की स्थिति का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।

Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और अदालत के आदेश को उनके कानूनी संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

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