नई दिल्ली: भारतीय ओलंपिक संघ को कार्यकारी परिषद की संरचना को लेकर बड़ी राहत मिली है। खेल मंत्रालय ने IOA को 16 सदस्यीय कार्यकारी परिषद बनाए रखने की अनुमति दे दी है। नए राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के तहत राष्ट्रीय खेल निकायों की कार्यकारी परिषद को 15 सदस्यों तक सीमित करने का प्रावधान था, लेकिन IOA के मामले में विशेष छूट दी गई है।

IOC की सिफारिश क्यों बनी आधार?
IOA ने अपने संविधान में बदलाव का मसौदा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को भेजा था। IOC ने सिफारिश की कि IOA की कार्यकारी परिषद में सदस्यों की संख्या को पहले की तरह बरकरार रखा जाए और यह संख्या भारत में मौजूद IOC सदस्यों की संख्या से प्रभावित न हो।
इसके बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम की धारा 37 के तहत IOA को आवश्यक छूट देने का फैसला किया। सरकार के मुताबिक यह कदम भारतीय कानून और Olympic Charter की आवश्यकताओं के बीच तालमेल बनाने के लिए जरूरी था।
ऐसे बनी 16 सदस्यों की परिषद
नियम के मुताबिक IOA की कार्यकारी परिषद में 15 सदस्य होंगे। इसके अलावा भारत में IOC के सदस्य, जिन्हें Olympic Charter के तहत कार्यकारी समिति में पदेन मतदान सदस्य के रूप में शामिल होना जरूरी है, उन्हें अतिरिक्त सदस्य के तौर पर जगह मिलेगी। इसी व्यवस्था के कारण मौजूदा 16 सदस्यीय परिषद को जारी रखने की अनुमति मिली है।
IOA के लिए क्यों अहम है फैसला?
यह फैसला IOA के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे संगठन को अपने शासन ढांचे को राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम और Olympic Charter—दोनों के अनुरूप बनाए रखने में मदद मिलेगी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिषद की संख्या में मिली यह छूट सीमित है और IOA को बाकी सभी मामलों में अधिनियम, उसके नियमों और Olympic Charter का पालन करना होगा।
IOA में इसी साल चुनाव भी प्रस्तावित हैं, ऐसे में कार्यकारी परिषद की संरचना को लेकर यह मंजूरी संगठन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



