
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा प्रकरण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। विपक्ष ने सरकार से मामले पर जवाब की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए चढ़ावा चोरी, बजट चोरी और चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा।
नियम और परंपरा से चलता है सदन, सबज्यूडिश मामले पर चर्चा संभव नहीं : सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में विपक्ष के हंगामे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन नियम और संसदीय परंपराओं के अनुसार चलता है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सदन नियम और परंपरा से चलता है। मुद्दा सबज्यूडिश है तो चर्चा कैसे होगी। राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सदन की कार्यवाही के समय हंगामा निंदनीय है। विपक्ष सदन का समय बर्बाद कर रहा है और सदन की अवमानना कर रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्वयं सरकार को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया था। ट्रस्ट की अपील पर ही राज्य सरकार ने विशेष जांच दल का गठन किया, जो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।
शिवपाल बोले चढ़ावा चोरी और बजट चोरी पर जवाब दे सरकार
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक तरीके से विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, “सत्ता पक्ष की तानाशाही है। यह तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी। मुख्यमंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए था। सदन चले या न चले, हम विरोध करते रहेंगे। चढ़ावा चोरी, बजट चोरी और चंदा चोरी के मामले में सरकार जवाब क्यों नहीं देती? अनुपूरक बजट की जरूरत ही क्या है? ये लोग जनता का पैसा लूट रहे हैं।”
हंगामे के कारण प्रभावित हुई सदन की कार्यवाही
राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब की मांग करता रहा, जबकि सरकार ने इसे न्यायालय में विचाराधीन बताते हुए चर्चा से इनकार किया। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और सदन में हंगामे के कारण कार्यवाही भी प्रभावित रही।
सरकार और विपक्ष के अलगअलग दावे
जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच शुरू कराई है और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए, वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है और सदन में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। राम मंदिर से जुड़े इस मुद्दे पर विधानसभा के भीतर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


