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कांग्रेस विधायक ने मंच से CM मोहन यादव को दी गाली, PM मोदी पर भी बिगड़े बोल

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भोपाल: कांग्रेस के विधायक बाबूलाल जंडेल ने सीएम मोहन यादव के लिए भरे मंच से गाली का प्रयोग किया और पीएम मोदी को लेकर भी उनके बोल बिगड़ गए। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बाबूलाल अपशब्द कहते हुए नजर आ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म रिजेक्ट होने पर विरोध जताने के लिए कांग्रेस के तमाम बड़े नेता जमा हुए थे। सभी मंच पर बैठे थे। मंच पर बैठे लोगों में दिग्विजय सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार समेत 2 दर्जन विधायक शामिल थे।

इसी दौरान कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया और पीएम मोदी को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। बाबूलाल जंडेल ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि बहन मीनाक्षी नटराजन का फार्म निरस्त कराने वाला मुख्यमंत्री नहीं है बल्कि @!#!@ है।

बाबूलाल यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने पीएम मोदी की तुलना दिग्विजय सिंह की चप्पल से कर दी और दिग्विजय सिंह को राजा बताया। बाबूलाल ने कहा कि राजा वो है, जिसने पंचायती राज दिया। मैं कांग्रेस के लिए अपनी कुर्बानी देने को तैयार हूं।

मीनाक्षी नटराजन का क्या है मामला?

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की इकलौती उम्मीद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया था। दरअसल रिपोर्ट्स के मुातबिक, नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी। ऐसे में जब मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हुआ तो कांग्रेस के अंदर हड़कंप मच गया और मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अपना विरोध जताने लगे।

इसी विरोध के दौरान ही बाबूलाल जंडेल के बोल बिगड़े हैं और उन्होंने सीएम मोहन यादव के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया है।

मोहन यादव ने मीनाक्षी नटराजन के मामले पर क्या कहा था?

सीएम मोहन यादव ने कहा था, “कांग्रेस प्रत्याशी ने जानबूझकर आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाई। ये आपराधिक प्रकरण छिपाने का पाप है। शपथपत्र में लिखकर देना था। कांग्रेस के लोगों ने षड़यंत्रपूर्वक जानकारी छुपाई। निर्वाचन अधिकारी को भ्रम में रखा गया। कांग्रेस को अब आत्ममंथन करना चाहिए। प्रत्याशी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण हैं तो बताना चाहिए। कांग्रेस को हार का भी डर था, इसलिए जहाज से विधायकों को ले जाया गया। लोकसभा में भी प्रत्याशी ने मैदान छोड़ा था। स्क्रूटनी में सब साफ हो गया। हमने लोकतंत्र के तरीके से अपनी बात रखी। कांग्रेस गलत रास्ते जा रही, उसकी कीमत चुकाना पड़ी है।”

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