Satya Report: जितेंद्र दुबे पंचायती राज विभाग में जिला प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। वह शहर के उमा नगर मोहल्ले में परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे। कार देवरिया की सदर कोतवाली क्षेत्र के शुगर मिल ग्राउंड के पास खड़ी थी। कार में उनके मृत पाए जाने की सूचना से हड़कंप मच गया है।

उत्तर प्रदेश के देवरिया में दफ्तर से घर जाने को निकले पंचायती राज विभाग के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर (डीपीएम) जितेंद्र दुबे की लाश उनकी कार में पाई गई है। पुलिस ने शीशा तोड़कर उनके शरीर को कार से बाहर निकाला। जीवन बचा होने की उम्मीद में उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र दुबे की कार देवरिया की सदर कोतवाली क्षेत्र के शुगर मिल ग्राउंड के पास खड़ी थी। कार में संदिग्ध परिस्थतियों में उनके मृत पाए जाने की सूचना से जिला पंचायत राज विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया और जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
काफी देर तक कार में बैठे व्यक्ति में कोई हलचल न देख आसपास के दुकानदारों को संदेह हुआ। इसके बाद करीब आठ बजे पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और कार का शीशा तोड़कर जितेंद्र दुबे को बाहर निकाला। इस उम्मीद में कि शायद जीवन बचा हो जितेंद्र दुबे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। .
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी सदर संजय कुमार रेड्डी और कोतवाली प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से कई सबूत जुटाए। जितेंद्र दुबे की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिवारीजन भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए।



