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​दिल्ली वालों; ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका, जानें कब लगेगी लोक अदालत, कैसे डाउनलोड होगी स्लिप

दिल्ली में अगर आपका ट्रैफिक चालान पेंडिंग है, तो उसे निपटाने के लिए आपके पास एक और मौका आने वाला है. दिल्ली में नेशनल लोक अदालत की तारीख बदल दी गई है. पहले यह सुनवाई 12 सितंबर को होनी थी, लेकिन बाद में इसे 10 अक्टूबर 2026 के लिए तय किया गया. अब इसे भी आगे बढ़ाकर 25 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है. दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की ओर से जारी ताजा नोटिस में नई तारीख की जानकारी दी गई है.

​दिल्ली वालों; ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका, जानें कब लगेगी लोक अदालत, कैसे डाउनलोड होगी स्लिप

यह बदलाव नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर के बीच हुए BRICS Summit के दौरान ट्रैफिक और सेफ्टी से जुड़े इंतजामों के कारण किया गया है. ऐसे में जिन वाहन चालकों के चालान पेंडिंग हैं, उन्हें नई तारीख और स्लिप डाउनलोड करने के समय का ध्यान रखना चाहिए.

कब और कहां होगी लोक अदालत?

दिल्ली में 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी. यह सुनवाई दिल्ली के अलगअलग जिला अदालत परिसरों में होगी. इनमें तीस हजारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर शामिल हैं. इसके अलावा, 19 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट, Debt Recovery Tribunals , Permanent Lok Adalats, Delhi State Consumer Disputes Redressal Commission और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों में भी नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी.

चालान की स्लिप कब और कैसे डाउनलोड करें?

अगर आप 25 अक्टूबर की लोक अदालत में अपना चालान निपटाना चाहते हैं, तो इसके लिए पहले स्लिप डाउनलोड करनी होगी. DSLSA के नोटिस के मुताबिक, चालान की स्लिप 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से डाउनलोड की जा सकेगी.

हालांकि, स्लिप डाउनलोड करने वालों के लिए एक जरूरी शर्त भी है. हर दिन अधिकतम 50,000 चालान की स्लिप डाउनलोड की जा सकेंगी. वहीं, सभी दिनों को मिलाकर कुल सीमा 2 लाख चालान रखी गई है. ऐसे में स्लिप डाउनलोड करने के लिए आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय पोर्टल पर तय समय से जानकारी चेक करना बेहतर होगा. स्लिप डाउनलोड करने और अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:

किन चालानों का हो सकेगा निपटारा?

इस लोक अदालत में 30 जून 2026 तक के पेंडिंग कंपाउंडेबल चालान लिए जाएंगे. यानी हर तरह का चालान अपने आप इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होगा. आपका चालान तय नियमों के तहत निपटाए जाने योग्य होना चाहिए. इसलिए स्लिप डाउनलोड करने से पहले अपने चालान की जानकारी और पात्रता जरूर जांच लें.

लोक अदालत में पहुंचने से पहले स्लिप और उससे जुड़ी जरूरी जानकारी अपने पास रखें. सुनवाई के लिए किस कोर्ट परिसर में जाना है, इसकी जानकारी भी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार देख लें.

क्या होती है लोक अदालत?

लोक अदालत विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का एक तरीका है. इसका मकसद ऐसे मामलों को आसान प्रक्रिया के जरिए निपटाना है, जिनका समाधान इस मंच पर किया जा सकता है. इसमें पहले से अदालत में चल रहे कुछ मामलों के साथ ऐसे विवाद भी लिए जा सकते हैं, जिनमें अभी मुकदमा शुरू नहीं हुआ है.

भारत में लोक अदालत की व्यवस्था Legal Services Authorities Act, 1987 के तहत काम करती है. दिल्ली में वाहन चालकों के लिए यह पेंडिंग ट्रैफिक चालान से जुड़े पात्र मामलों को निपटाने का एक ऑप्शन है.

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