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Dhanbad  Encounter यूपी के:शूटर शिबू के सीने  में छुपे हैं  कई बड़ी घटनाओं के राज ,धनबाद -जमशेदपुर पुलिस करेगी उगलवाने की कोशिश ?

Dhanbad  Encounter यूपी के:शूटर शिबू के सीने  में छुपे हैं  कई बड़ी घटनाओं के राज ,धनबाद -जमशेदपुर पुलिस करेगी उगलवाने की कोशिश ?

उत्तर प्रदेश के कुख्यात शूटर सागर उर्फ शिबू के सीने में कई राज छुपे है. फिलहाल तो वह धनबाद जेल में है, लेकिन धनबाद पुलिस भी उसे रिमांड पर लेगी और जमशेदपुर पुलिस भी पूछताछ के लिए पहुंच सकती है. शिबू के इर्द-गिर्द कई अपराध की घटनाओं की सूई घूमी है. आगे चलकर वह सभी घटनाओं की कड़ियां खोल सकता है. जमशेदपुर में होटल कारोबारी निहार सबलोक की हत्याकांड में उसके शामिल होने की बात कही जा रही है. इसकी पुष्टि पुलिस सूत्र भी कर रहे हैं.

निखार सबलोक हत्याकांड में जमशेदपुर पुलिस आ सकती है धनबाद इधर, होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में जमशेदपुर पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. देहरादून में मारे गए विक्रम शर्मा के ठिकानों को भी खंगाला जा रहा है. ऐसे में चर्चा यह भी है कि शिबू झारखंड के कुख्यात अखिलेश गिरोह में शामिल हो गया था. इसके बाद यह चर्चा तेज हुई कि क्या कोयलांचल में अखिलेश सिंह गिरोह की एंट्री हो गई है? हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है. शिबू पुलिस को यह भी बताएगा कि निरसा के हाथबाड़ी में शमशाद खान के घर वह कैसे पहुंचा? किसने उसे वहां ठहराया था? वह क्यों धनबाद पंहुचा था? क्या किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना थी? यह सब सवाल के उत्तर पूछताछ में वह बताएगा,

शूटर शिबू को आश्रय देने वाले की भी पुलिस तलाश कर रही है

इधर , पुलिस जिसके घर में शिबू ठहरा हुआ था, उसे भी तलाश कर रही है. उसके पकड़ में आने के बाद भी बहुत कुछ साफ होगा। 16 सितंबर को पुलिस मुठभेड़ में घायल यूपी के शार्प शूटर शिबू को मंगलवार को धनबाद के SNMMCH से डिस्चार्ज कर दिया गया. तबीयत में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी. इसके बाद पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. मुठभेड़ के दौरान शिबू के पैर में गोलियां लगी थी. पुलिस ने उसे इलाज के लिए SNMMCH में भर्ती कराया था. कहा जाता है कि धनबाद पुलिस समय रहते शिबू को एनकाउंटर के बाद नहीं पकड़ा होता, तो निरसा या कोयलांचल में कोई बड़ी घटना हो सकती थी?

निरसा की धरती खून से होती रही है लाल

वैसे निरसा की धरती खून से लाल होती रही है. 4 अप्रैल 2000 को निरसा में विधायक गुरुदास चटर्जी की हत्या कर दी गई थी. यह घटना निरसा के देवली में हुई थी. विधायक धनबाद से निरसा जा रहे थे. उनकी बुलेट मोटरसाइकिल अपूर्वा घोष चला रहे थे. हमलावरों ने गुरुदास चटर्जी पर फायरिंग झोंक दी और उनकी मौत हो गई थी. उसके बाद 5 अक्टूबर 2002 को ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक के नेता सुशांत सेनगुप्ता की हत्या निरसा के गोपालगंज मोड़ पर कर दी गई थी. वह भी अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तो घात लगाए अपराधियों ने उन पर फायरिंग झोंक दी थी. उस घटना में सुशांत सेनगुप्ता सहित तीन लोग मारे गए थे. इन दो घटनाओं को लेकर निरसा दशकों तक चर्चा में रहा. इधर, फिर 16 सितंबर की शाम यूपी के कुख्यात शूटर सागर उर्फ शिबू सिंह के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद निरसा एक बार फिर चर्चा में हैं.

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