Satya Report: कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में नागपुर के एक समारोह में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर बयान दिया, जिसके बाद बवाल मच गया। राजनेताओं ने बागेश्वर बाबा की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। यहां तक कि रितेश देशमुख ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है।

दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री ने यह दावा किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज युद्ध लड़तेलड़ते थक गए थे। बाबा ने अपने भाषण में कहा, “एक दिन महाराज अपने गुरु रामदास स्वामी के पास गए और अपना मुकुट उनके चरणों में रखा दिया। शिवाजी महाराज ने कहा कि मैं अब और नहीं लड़ना चाहता, मैं बहुत थक गया हूं। आप ही इस राज्य को संभालें।”
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अब बाबा के इसी दावे को इतिहास से छेड़छाड़ माना जा रहा है, क्योंकि शिवाजी महाराज के अनुयायियों का कहना है कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी और न ही वह कभी थके थे। अब इस पर अभिनेता रितेश देशमुख ने भी नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि रितेश खुद शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित एक फिल्म लेकर आ रहे हैं, जो 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
रितेश देशमुख ने किया पोस्ट
रितेश देशमुख ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर मराठी में एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “शिवाजी महाराज की विरासत को कमतर दिखाने की बेकार कोशिशें बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। कोई भी आकर कुछ भी बकवास नहीं कर सकता। उन्हें किसी सीमित दायरे में बांधने के ऐसे व्यर्थ प्रयास, समय के गर्भ में ही समा जाएंगे।”
इसके आगे उन्होंने कहा, “लेकिन जैसे सह्याद्री की पहाड़ियां लाखों सालों से अडिग खड़ी हैं, वैसे ही एक नाम आने वाले करोड़ों सालों तक अमर रहेगा और वह नाम है प्रताप पुरंदर, क्षत्रिय कुल के गौरव, सिंहासन के स्वामी, सम्राटों के सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज।”
धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी
इस पूरे विवाद के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांग ली। कथावाचक ने कहा, “कल से, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मेरे बयान को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। हमें इससे गहरा दुख हुआ है। आज इस देश में जो भी सनातनी जीवित है, अगर वह हिंदुत्व के प्रति समर्पित है, तो इसका सबसे बड़ा श्रेय छत्रपति वीर शिवाजी महाराज को जाता है। हम भी छत्रपति शिवाजी में विश्वास रखते हैं। अगर हम आपस में ही झगड़ेंगे, तो दूसरों को मौका मिल जाएगा… अगर किसी को इससे ठेस पहुंची है, तो हम तहे दिल से माफी मांगते हैं।”
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