बंगाल चुनाव में भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी शुभेंदु अधिकारी के हाथों पराजित हुई हैं. अब शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि ममता बनर्जी उपचुनाव के जरिए संसद में जा सकती हैं. एक बंगाली डेली की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से मदद मांगी थी.

ताकि वह पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को बहरामपुर सांसद पद से इस्तीफा देने के लिए मना सकें और वहां उपचुनाव लड़ सकें. हालांकि, गांगुली ने अब इन सनसनीखेज दावों को नकार दिया है, और उन्हें “सच्चाई को नजरअंदाज करना” कहा है.
इस विवाद के केंद्र में एक लोकप्रिय बंगाली दैनिक में ममता के राजनीतिक भविष्य पर छपी एक रिपोर्ट है. रिपोर्ट में कहा गया है कि खुद को प्रसांगिक बनाए रखने और वापसी करने के लिए, ममता बनर्जी लोकसभा जा सकती हैं.
सौरवयूसुफममता विवाद क्या है?
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि टीएमसी मुर्शिदाबाद जिले की बहरामपुर सीट पर नजर गड़ाए हुए है. पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान 2024 में कांग्रेस के पुराने नेता अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ सीट जीतकर एक बड़े किलर के तौर पर उभरे.टीएमसी इसे ममता बनर्जी के लिए एक सुरक्षित सीट मानती थी क्योंकि बहरामपुर में पार्टी के मुख्य वोट बैंक मुसलमान आबादी का 5052% हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि पार्टी ने सौरव गांगुली से संपर्क किया, ताकि वे पठान को ममता का मैसेज दे सकें और उनसे बहरामपुर सीट खाली करने का आग्रह किया ताकि वह आने वाले उपचुनाव में लड़ सकें.
सौरव और यूसुफ IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए टीममेट के तौर पर एक साथ खेले हैं. रिपोर्ट में आगे दावा किया गया कि पठान ने कथित प्रस्ताव को मना कर दिया था.ॉ
तृणमूल कांग्रेस में मचा है घमासान
यह रिपोर्ट ऐसे समय में भी आई है जब तृणमूल के संसदीय पार्टी में बगावत की चर्चा चल रही थी. सूत्रों ने बताया है कि 23 टीएमसी सांसद ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले पार्टी के बागी खेमे के संपर्क में थे. सौरव गांगुली ने सफाई दी
जब इस रिपोर्ट ने बंगाल में जबरदस्त राजनीतिक हलचल मचाई, तो गांगुली ने शनिवार को एक डिटेल्ड बयान जारी करके इन दावों को “पूरी तरह से झूठा” बताया.
बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष ने साफ किया कि वह कभी भी राजनीतिक मामलों में शामिल नहीं रहे हैं, और मीडिया से ऐसी सनसनीखेज रिपोर्ट पब्लिश करने से पहले फैक्ट्स वेरिफाई करने को कहा.
गांगुली ने दावे को बताया गलत
गांगुली ने कहा, “आर्टिकल में लगाए गए आरोप, जहां तक मेरा सवाल है, सच्चाई को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि ममता ने उनसे कभी भी यूसुफ पठान को अपनी तरफ से कोई मैसेज देने के लिए नहीं कहा. उन्होंने इस मुद्दे पर पठान से कभी कॉन्टैक्ट करने से भी इनकार किया.
गांगुली ने आगे कहा, “मैंने यूसुफ पठान से कभी संपर्क नहीं किया… ऐसे में, पठान के आर्टिकल में बताए गए तरीके से जवाब देने का सवाल ही नहीं उठता और न ही उठ सकता है.“
यह विवाद तब हुआ जब ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी 8 जून को इंडिया ब्लॉक मीटिंग में शामिल होने और नाराज टीएमसी सांसद को मनाने के लिए दिल्ली पहुंचने वाले हैं.



