
नाशिक, महाराष्ट्र: नाशिक के दातीर नगर इलाके में 28 वर्षीय इंजीनियर पवन राजेंद्र पाटील की आत्महत्या का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस ने दो युवतियों समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतक के परिजनों की शिकायत में कथित तौर पर प्रताड़ना, धमकी और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस को घटनास्थल से पवन द्वारा लिखी गई एक चिट्ठी भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।
पवन मूल रूप से महाराष्ट्र के जलगांव जिले के अमलनेर तालुका का रहने वाला था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कुछ महीने पहले नाशिक की एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा था। उसके पिता शिक्षक हैं।
युवती से दोस्ती के बाद बढ़ा तनाव?
शिकायत के मुताबिक, पवन की एक युवती से दोस्ती थी। आरोप है कि नाशिक आने के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। युवती कथित तौर पर उसका फोन नहीं उठाती थी और संपर्क से बचती थी। इस वजह से पवन मानसिक तनाव में था, ऐसा शिकायत में बताया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पवन ने संबंधित युवती को बड़ी रकम दी थी। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित प्रताड़ना से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
परिजनों ने मारपीट और धमकियों का भी लगाया आरोप
बताया गया है कि जब पवन कुछ दिनों के लिए अपने गांव गया था, तब परिजनों ने उसके व्यवहार में बदलाव महसूस किया। परिवार का दावा है कि बातचीत के दौरान उसने कुछ लोगों की ओर से मारपीट किए जाने और धमकियां मिलने की बात बताई थी।
शिकायत में जयदीप पाटील और हेमंत जाधव समेत कुछ लोगों पर परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके बाद पवन ने नाशिक के दातीर नगर स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मृत्युपूर्व चिट्ठी में किन बातों का जिक्र?
पुलिस को घटनास्थल से पवन द्वारा लिखी गई एक चिट्ठी मिली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें कुछ लोगों के नाम और उनके द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने का उल्लेख है। चिट्ठी की सामग्री और उसमें लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
पवन के पिता की शिकायत के आधार पर नाशिक के एमआईडीसी पुलिस थाने में दो युवतियों, जयदीप पाटील और हेमंत जाधव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने से संबंधित आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस उपनिरीक्षक लाड मामले की आगे जांच कर रहे हैं। फिलहाल आरोपों की पुष्टि होना बाकी है और जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। मामले की जांच जारी है और आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।



