
उत्तर प्रदेश के बदायूं के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के सर्वा गांव में बेटी की विदाई समारोह के दौरान तैयार किया भोजन परिवार के लिए परेशान का कारण बन गया। भोजन करने के बाद एक ही परिवार के 15 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इस घटना के बाद सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
भोजन के बाद अचानक बिगड़ी लोगों की हालत
जानकारी के अनुसार, सर्वा गांव में बेटी की विदाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मौके पर घर में पूड़ी-कचौड़ी तैयार की गई थी। भोजन करने के कुछ समय बाद ही परिवार के कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत की। देखते ही देखते एक ही परिवार के 15 लोग बीमार पड़ गए।
परिजनों ने सभी प्रभावित लोगों को तत्तकाल बिसौली के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है।
तीन लोगों की हालत गंभीर
भर्ती किए गए मरीजों में तीन लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे है। घटना के बाद परिवार के सदस्यों के साथ-साथ गांव के लोगों में चिंता का माहौल है।
खुले सरसों के तेल पर उठे सवाल
परिजनों का आरोप है कि भोजन तैयार करने में कस्बे की एक दुकान से खरीदे गए खुले सरसों के तेल का इस्तेमाल किया गया था। उनका कहना है कि संभवत: इसी तेल के कारण भोजन खराब हुआ और लोगों की तबीयत बिगड़ी। पीड़ित पक्ष ने ये भी आऱोप लगाया कि शिकायत करने पर संबंधित दुकानदार ने पहले धमकाया, बाद में अपनी गलती स्वीकार करते हुए इलाज का खर्च उठाने की बात कही। हालांकि इस बात में जांच जारी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच
घटना का जानकारी के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची। खाद्य सुरक्षा अधिकारी माताशंकर मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। विभाग ने भोजन में इस्तेमाल किए गए तेल औऱ अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लेबोरेटरी रिपोर्ट से साफ होगी तस्वीर
प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बीमारी की वास्तविक वजह प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार जानकारी ले रहा है।



