UPI पर बड़े लेनदेन के लिए MDR चार्ज लागू करने के फैसले का फिनटेक कंपनियों ने स्वागत किया है. Paytm, PhonePe और MobiKwik जैसी कंपनियों ने सरकार के इस फैसले को सही कदम बताया. कंपनियों का मानना है कि UPI पर MDR लागू होने से पर्सनल लेनदेन, छोटे ट्रांजेक्शन और छोटे कारोबारियों पर कई असर नहीं होगा. साथ ही इससे UPI इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल पेमेंट सिस्टम के खर्च को संभालने में मदद मिलेगी.

UPI पेमेंट पर MDR ‘रॉबिन हुड’ मॉडल
Paytm के फाउंडर और CEO विजय शेखर शर्मा ने बड़े UPI पेमेंट पर MDR लागू करने के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे ‘रॉबिन हुड’ मॉडल बताया है. शर्मा के मुताबिक, इस व्यवस्था से आम लोगों और छोटे दुकानदारों के लिए UPI पेमेंट फ्री रखने में मदद मिलेगी. साथ ही, डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लंबे समय तक चलाने के लिए जरूरी कमाई भी हो सकेगी.
DD News से बातचीत में विजय शेखर शर्मा ने कहा कि ‘अब तक UPI काफी हद तक सरकारी मदद के आधार पर चल रहा था. सरकार इस सिस्टम के खर्च को पूरा करने में मदद कर रही थी. लेकिन अब बड़े लेनदेन पर सीमित चार्ज लागू करने से UPI के लिए कमाई का एक स्थायी जरिया बन सकता है.’
पेमेंट इंडस्ट्री को हो रहा था नुकसान
PhonePe के फाउंडर और CEO समीर निगम ने कहा, “UPI के जरिए पर्सनटूपर्सन होने पर पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. वहीं, बड़े व्यापारियों से होने वाले बड़े लेनदेन पर ही चार्ज लागू होगा. भारत में होने वाले करीब 96% UPI ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे, क्योंकि देश में ज्यादातर UPI पेमेंट 2,000 रुपये से कम के होते हैं. इसका मतलब है कि यह चार्ज केवल बड़े लेनदेन पर लगेगा. इससे मिलने वाला पैसा फिनटेक कंपनियों का खर्च निकालने में मदद करेगा.
निगम ने कहा, “पिछले 6 साल से UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा था. इस दौरान पूरी पेमेंट इंडस्ट्री को हर साल काफी नुकसान उठाना पड़ा है. हमने लगातार सरकार और RBI के सामने यह मुद्दा उठाया है. हमें उम्मीद है कि इससे UPI सिस्टम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे मिलने वाली एक्स्ट्रा कमाई से पेमेंट इंडस्ट्री UPI के विस्तार में और निवेश कर सकेगी.”
छोटे व्यापारियों पर कोई चार्ज नहीं
MobiKwik की कोफाउंडर उपासना टाकू ने UPI पर चार्ज लगाने के फैसले को भारत के लिए पॉजिटिव स्टेप बताया. उन्होंने कहा, “जैसेजैसे UPI का विस्तार हुआ है, उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने का खर्च भी बढ़ा है. बैंकों और पेमेंट कंपनियों के लिए इस खर्च को संभालना मुश्किल हो रहा था. इसलिए यह नया फैसला पेमेंट इंडस्ट्री, बैंकों और पेमेंट कंपनियों के लिए सकारात्मक है. दूसरी ओर आम भारतीय ग्राहकों पर इसका लगभग कोई असर नहीं पड़ेगा. दोस्त या रिश्तेदार को पैसा भेजना, दूधसब्जी के लिए होने वाले पेमेंट पहले की तरह फ्री रहेंगे. 200, 500 और 1,000 रुपये की खरीदारी पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा. ऐसे छोटे व्यापारियों से भी कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा, जिनकी महीने भर की कुल बिक्री करीब 1 लाख रुपये तक है.”
उपासना टाकू ने कहा, ” यह चार्ज बड़े व्यापारियों पर लागू होगा, जहां पेमेंट का वॉल्यूम ज्यादा होता है. जैसे फ्लाइट टिकट बुक करना, Amazon पर खरीदारी करना या मॉल में महंगी चीजें खरीदना. इन बड़े व्यापारियों के लिए UPI चार्ज 0.4% होगा. यह चार्ज अब भी क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन पर लगने वाले 1.61.8% चार्ज से काफी कम है. इससे मिलने वाला पैसा UPI और पूरी पेमेंट इंडस्ट्री की ग्रोथ को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करेगा. साथ ही, UPI का इंफ्रास्ट्रक्चर संभालने वाले बैंकों और पेमेंट कंपनियों को भी इससे फायदा होगा.”



