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चार धाम यात्रा पर निकले​​​ पांच दोस्तों की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत, कोई पुलिस इंस्पेक्टर तो कोई शिक्षक और वकील; जानें कौन थे मृतक

चार धाम यात्रा पर निकले​​​ पांच दोस्तों की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत, कोई पुलिस इंस्पेक्टर तो कोई शिक्षक और वकील; जानें कौन थे मृतक

चमोली, उत्तराखंड: जोशीमठ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे ने पांच दोस्तों की चार धाम यात्रा को हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया। इस दुर्घटना में पायलट समेत छह लोगों की जान चली गई। हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से ऋषिकेश की ओर जा रहा था, तभी ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में जान गंवाने वाले पांचों यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे और तीन दिन पहले ही तीर्थयात्रा पर निकले थे।

इन दोस्तों को शुक्रवार शाम तक बेंगलुरु लौटना था। घरों में परिजन और परिचित उनके वापस आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच हादसे की खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। मृतकों में बेंगलुरु पुलिस के एक इंस्पेक्टर भी शामिल थे। दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।

हादसे में जान गंवाने वालों में कौन-कौन शामिल थे?

हेलीकॉप्टर में सवार पांच यात्रियों की पहचान अरुण सालुंके, एचएस नटराज, प्रताप निंगराजू, सुधीर के और शंकर गौड़ा के रूप में हुई है। सभी अलग-अलग पेशों से जुड़े थे, लेकिन आपस में दोस्त थे।

अरुण सालुंके, 44 वर्ष: अरुण सालुंके कर्नाटक पुलिस के 2007 बैच के अधिकारी थे और बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। वह बेलगावी जिले के अथानी तालुक स्थित अरातल गांव के रहने वाले थे। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने बेंगलुरु के एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की थी। इससे पहले वह हलसूर पुलिस स्टेशन और क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) में भी काम कर चुके थे।

उनके परिचितों के मुताबिक, अरुण मिलनसार स्वभाव के थे और अपने अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के साथ अच्छे संबंध रखते थे। उनके अचानक चले जाने से सहकर्मियों और परिचितों में शोक है।

एचएस नटराज, 51 वर्ष: नटराज तुमकुर जिले के हुलियुरदुर्गा के रहने वाले थे। वह ‘विद्या भारती’ शिक्षण संस्थान के प्रमुख थे। उनके बचपन के दोस्त नागेश ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नटराज ने उनसे फोन पर बात की थी। उस समय वह हेलीकॉप्टर में बैठे थे और मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे थे। पायलट ने घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण उड़ान में देरी की जानकारी दी थी।

प्रताप निंगराजू, 41 वर्ष: प्रताप हासन जिले के सकलेशपुरा तालुक के बचनहल्ली के रहने वाले थे। वह निर्माण कार्य और सिविल कॉन्ट्रैक्ट के कारोबार से जुड़े थे। करीब 15 साल पहले वह बेंगलुरु आ गए थे और थानिसंद्रा में अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ रहते थे। उनके दोनों बेटे स्कूल में पढ़ते हैं। परिवार शुक्रवार शाम को उनके घर लौटने की राह देख रहा था।

सुधीर के, 49 वर्ष: सुधीर भी हादसे में जान गंवाने वाले पांच यात्रियों में शामिल थे। उपलब्ध जानकारी में उनके पेशे और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

शंकर गौड़ा, 39 वर्ष: शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे। वह भी अपने चार दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा पर गए थे। इस हादसे में उनकी भी मौत हो गई।

मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे थे यात्री

हादसे से पहले नटराज ने अपने बचपन के दोस्त नागेश को फोन किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि सभी लोग हेलीकॉप्टर के अंदर बैठे हैं और मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। इलाके में घना कोहरा होने के कारण दृश्यता कम थी। नटराज ने यह भी बताया था कि वहां काफी ठंड थी।

यह बातचीत अब उनके दोस्त के लिए आखिरी याद बन गई है। परिवारों को उम्मीद थी कि पांचों दोस्त यात्रा पूरी करके सुरक्षित घर लौटेंगे, लेकिन हेलीकॉप्टर दुर्घटना ने उनकी जिंदगी छीन ली।

हादसे की जांच शुरू

दुर्घटना में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और शव बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। अब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो हादसे के कारणों की जांच करेगा। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

तीर्थयात्रा पर निकले पांच दोस्तों की एक साथ हुई मौत से कर्नाटक में उनके परिवारों, मित्रों और परिचितों के बीच शोक का माहौल है।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और हादसे से जुड़े सामने आए विवरणों के आधार पर तैयार की गई है। जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।

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