त्योहारों के सीजन में मिठाइयों, पनीर, दूध और घी की मांग तेजी से बढ़ जाती है. इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी मिलावट और घटिया क्वालिटी वाले खाद्य पदार्थ बाजार में उतार देते हैं. लेकिन इस बार ऐसे कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने बड़ी कार्रवाई की है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने देशभर में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान करीब 3,280 टन प्रतिबंधित और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं. इनकी अनुमानित कीमत करीब 82 करोड़ रुपये बताई गई है.

इतना ही नहीं, खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के 52 लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जबकि 1,133 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं. इसके अलावा 314 खाद्य प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दिवाली और दूसरे त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ जाती है. आइए समझते हैं FSSAI के इस अभियान में क्याक्या सामने आया और आम ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर एफएसएसएआई की ओर से किस तरह के आंकड़े पेश किए हैं.
FSSAI का बड़ा एक्शन
- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने अपने देशव्यापी निरीक्षण अभियान के दौरान 82 करोड़ रुपये मूल्य के 3,280 टन ‘प्रतिबंधित और मानकों को पूरा न करने वाले’ खाद्य उत्पादों को जब्त किया है.
- त्योहारों के मौसम में मिलावट की जांच के लिए यह अभियान 1 सितंबर से शुरू किया गया था. खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, FSSAI ने 52 लाइसेंस रद्द किए, 1,133 लाइसेंस निलंबित किए और 314 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया.
- शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, FSSAI ने कहा कि त्योहारों को देखते हुए उसने निगरानी बढ़ा दी है. नियामक ने बताया कि 1 सितंबर से 5 नवंबर के बीच अपने देशव्यापी प्रवर्तन अभियान के दौरान उसने 56,431 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और मानकों को पूरा न करने वाले खाद्य उत्पादों को जब्त किया, जिनमें पनीर, घी, दूध और मिठाइयां शामिल हैं.
- इसमें कहा गया है कि कुल 3,279.57 टन ‘प्रतिबंधित और मानकों को पूरा न करने वाले’ खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी कीमत 81.80 करोड़ रुपए है. इसके अलावा, नियामक ने खाद्य कारोबार संचालकों को 10,047 सुधार नोटिस जारी किए.
- इस कैलेंडर वर्ष में, FSSAI ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए खाद्य कारोबार संचालकों और ईकॉमर्स कंपनियों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है.
FSSAI led an intensive nationwide inspection drive across States and UTs. Through rigorous checks on over 56,000 food establishments, authorities took decisive action against substandard practicesissuing over 10000 improvement notices and suspending more than 1,100 licences 1 https://t.co/Ov7iIZcmdA
— FSSAI November 7, 2026
आखिर FSSAI क्या है और इसके पास क्या अधिकार हैं?
FSSAI यानी Food Safety and Standards Authority of India भारत में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली प्रमुख नियामक संस्था है. इसकी स्थापना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई थी. यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है.
FSSAI की प्रमुख जिम्मेदारियां हैं
- खाद्य पदार्थों के लिए सुरक्षा और गुणवत्ता के मानक तय करना.
- खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था करना.
- खाद्य पदार्थों में मिलावट और गलत लेबलिंग पर कार्रवाई करना.
- खाद्य उत्पादों की सैंपलिंग और जांच की व्यवस्था करना.
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना.
- ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करना.
अगर कोई खाद्य कारोबारी निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता है, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस, जब्ती, लाइसेंस निलंबन या अन्य कार्रवाई कर सकते हैं.



