
हेल्थ डेस्क: क्या रात में सोते समय अचानक आपके हाथ सुन्न हो जाते हैं? क्या हाथों में झनझनाहट, सुई चुभने या चींटियां चलने जैसा एहसास होता है? कई बार इसकी वजह सोने की गलत पोजीशन होती है, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके पीछे नसों से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुनील अग्रवाल के अनुसार, हाथों में सुन्नपन के कई संभावित कारण हो सकते हैं। इनमें नसों पर दबाव पड़ना, गर्दन की समस्या, डायबिटीज और कलाई की नस दबने जैसी स्थितियां शामिल हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि हाथ सुन्न होने की समस्या कब सामान्य होती है और कब डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो जाता है।
1. सोने की गलत पोजीशन हो सकती है वजह
रात में हाथ सुन्न होने का एक सामान्य कारण सोने का गलत तरीका है। यदि आप लंबे समय तक एक ही करवट सोते हैं, हाथ को सिर या शरीर के नीचे दबा लेते हैं या कोहनी को ज्यादा मोड़कर रखते हैं, तो नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे हाथों में कुछ समय के लिए सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो सकती है।
अक्सर हाथ की स्थिति बदलने और उसे धीरे-धीरे हिलाने से राहत मिल जाती है। लेकिन यदि सही पोजीशन में सोने के बावजूद परेशानी लगातार बनी रहती है, तो इसके दूसरे कारणों की जांच करानी चाहिए।
2. गर्दन की समस्या भी कर सकती है परेशान
गर्दन की हड्डियों, डिस्क या उनसे निकलने वाली नसों पर दबाव पड़ने से भी हाथों में सुन्नपन हो सकता है। इस स्थिति में गर्दन से कंधे और हाथ तक दर्द या झनझनाहट महसूस हो सकती है।
यदि हाथ सुन्न होने के साथ गर्दन में दर्द, कंधे में खिंचाव, उंगलियों में कमजोरी या चीजें पकड़ने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। जांच के बाद ही पता चल सकता है कि समस्या गर्दन की नस से जुड़ी है या किसी अन्य कारण से।
3. डायबिटीज के कारण नसों को पहुंच सकता है नुकसान
डायबिटीज लंबे समय तक नियंत्रित न रहने पर नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसमें हाथों और पैरों में झनझनाहट, जलन, दर्द या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
हालांकि, हाथ सुन्न होने का मतलब यह नहीं है कि आपको डायबिटीज ही है। यदि इसके साथ बार-बार प्यास लगना, पेशाब अधिक आना या अन्य परेशानी भी हो, तो डॉक्टर की सलाह से उचित जांच कराई जा सकती है।
4. कार्पल टनल सिंड्रोम भी हो सकता है कारण
कलाई में मौजूद एक संकरे रास्ते से होकर गुजरने वाली मीडियन नर्व पर दबाव पड़ने से कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है। इसमें खासतौर पर अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा उंगली में सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होती है। कई लोगों को रात में इसके लक्षण ज्यादा परेशान करते हैं और नींद भी खुल सकती है।
यदि बार-बार हाथ झटकने से कुछ समय के लिए राहत मिलती है या चीजें पकड़ते समय हाथ कमजोर महसूस होता है, तो डॉक्टर से जांच करवाना उचित है।
5. हाथ सुन्न होने पर क्या करें?
अगर सोते समय हाथ सुन्न हो जाते हैं, तो कुछ सावधानियां मददगार हो सकती हैं:
- सोते समय हाथ को सिर या शरीर के नीचे दबाकर न रखें।
- गर्दन और हाथों को आरामदायक स्थिति में रखें।
- लंबे समय तक कोहनी को बहुत ज्यादा मोड़कर सोने से बचें।
- हाथ सुन्न होने की समस्या कब और कितनी बार होती है, इस पर ध्यान दें।
- बार-बार परेशानी होने पर न्यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से परामर्श लें।
- बिना सलाह के विटामिन सप्लीमेंट या कोई दवा शुरू न करें।
ये उपाय सामान्य स्थिति में मदद कर सकते हैं, लेकिन लगातार बने रहने वाले सुन्नपन का कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
6. इन लक्षणों को देखते ही लें तुरंत मदद
यदि अचानक एक हाथ सुन्न होने के साथ चेहरे का एक हिस्सा लटकने लगे, बोलने या समझने में परेशानी हो, हाथ-पैर में कमजोरी आए या संतुलन बिगड़ जाए, तो यह स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। लक्षण अपने आप ठीक होने का इंतजार न करें।
इसके अलावा, यदि हाथों का सुन्नपन लगातार बना रहता है, बार-बार लौटता है, कमजोरी बढ़ रही है या रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो भी डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हाथों में सुन्नपन के कई कारण हो सकते हैं और सही कारण की पहचान चिकित्सकीय जांच से ही होती है। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।



