
जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बहू शालू और पूर्व नौकर विशाल व उसके साथी राजकिशोर को जेल भेज दिया, लेकिन पुलिस ने बेटे सुब्रत को अभी क्लीनचिट नहीं दी है। पुलिस की नजर में वह भी हत्याकांड का राजदार है।
वारदात वाले दिन उसने हत्यारोपित पूर्व नौकर विशाल से फोन पर बात की थी, फिर काल हिस्ट्री ही डिलीट कर दी। पुलिस ने जब कारण पूछा तो उसने बताया कि पापा नौकर को पंसद नहीं करते थे। कहीं वह फोन न देख लें, इसलिए नंबर डिलीट कर दिया।
पुलिस के अनुसार, सुब्रत की पत्नी को घर से ले जाने से लेकर डीसीपी कार्यालय में पूछताछ करने व जेल भेजे जाने तक कहीं भी सुब्रत के माथे पर न तो शिकन थी और न ही पिता की हत्या का अफसोस दिखा। बस वह पत्नी को बेगुनाह कहकर चुप हो गया। मंगलवार को पुलिस की एक टीम यशोदा नगर स्थित कास्माजिन क्लब के कैमरे भी जांच रही है, जहां वारदात से पहले दंपती पार्टी करने गए थे।
इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की शनिवार रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। कैमरे की मदद और अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज मदद के बयान के आधार पर पुलिस ने घटना का राजफाश किया।
हत्यारोपित पुराने नौकर रेलबाजार के नूनिया मोहाल निवासी विशाल गौतम व हरबंश मोहाल के मथुरी मोहाल निवासी राजकिशोर को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया तो नए राज पता चले। हत्यारोपित विशाल ने कारोबारी की बहू शालू का नाम लिया था। शालू मूलरूप से लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली है।
उसने बताया कि शालू ने हत्या करने के लिए छह लाख रुपये देने की बात कही थी। सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज मदन सिंह और विशाल के बयान के बाद शालू से पूछताछ की, लेकिन वह सीधे तौर पर घटना कुबूल नहीं कर रही थी, जबकि उसका पति सुब्रत भी चुप्पी साधे रहा।
शालू ने सिर्फ इतना ही बताया था कि उसके करोड़पति ससुर बहुत पांबदी लगाकर रखते थे। पति को 35 हजार वेतन व उसे 10 हजार रुपये घर के खर्च देकर एक-एक रुपये का हिसाब रखते थे। सुब्रत से भी पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बोला।
एक पुलिसकर्मी के अनुसार, सुब्रत इस तरह से चुप था जैसे उसके मन में कई राज छिपे हैं। डीसीपी पश्चिम एसमए कासिम आबिदी ने बताया कि शनिवार दोपहर 12:30 बजे सुब्रत ने हत्यारोपित विशाल को काल की थी। इसके बाद काल हिस्ट्री ही डिलीट कर दी। कहीं न कहीं उसकी मौन सहमति जरूर थी। उसे अभी क्लीनचिट नहीं दी, फिलहाल घर जरूर भेजा गया। वहीं, मंगलवार को भी रतन आर्बिट अपार्टमेंट में आने वाले हर आगंतुकों की एक-एक कर तलाशी ली जाती रही।
पत्नी और नौकर के साथ-साथ खरीदारी की, पर हत्या से कैसे अनजान
हत्यारोपित विशाल ने पुलिस को बताया कि शालू भाभी ने कहा था कि पकड़े जाने पर अपने भइया (सुब्रत) का नाम ले लेना कि उन्होंने ही हत्या करवाई है, जबकि पकड़े जाने पर उसने शालू का ही नाम लिया। पूछने पर बताया कि सुब्रत को हत्या के बारे में जानकारी नहीं थी।
वहीं, डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम ने बताया कि जांच के अनुसार, सुब्रत-शालू के साथ खरीदारी में विशाल भी था। सुब्रत कार में और वे दोनों खरीदारी कर रहे थे और चाबी भी साथ बनवाई। घर पर भी शालू व विशाल बात करते तो सुब्रत रहता था, लेकिन ऐसे में हत्या से सुब्रत कैसे अनजान रह सकता है। जांच चल रही है।

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