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आग, धुआं और चीखें! कैसे मौत के जाल में बदल गई लखनऊ की बिल्डिंग? 10 प्वाइंट्स में समझें पूरी त्रासदी

Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। योगी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 55 लाख और घायलों को 50,000 रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

आग, धुआं और चीखें! कैसे मौत के जाल में बदल गई लखनऊ की बिल्डिंग? 10 प्वाइंट्स में समझें पूरी त्रासदी
आग, धुआं और चीखें! कैसे मौत के जाल में बदल गई लखनऊ की बिल्डिंग? 10 प्वाइंट्स में समझें पूरी त्रासदी

हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इसके साथ ही किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर घायलों एवं उनके परिजनों से भेंट की और चिकित्सकों से घायलों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। आइए प्वाइंट्स में समझते हैं कि इस हादसे में अब तक क्याक्या हुआ…

10 प्वाइंट्स में समझें पूरा हादसा

  • हादसा कहां हुआ अलीगंज क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर यह भीषण अग्निकांड हुआ।
  • आग कैसे लगी आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इमारत के निचले हिस्से से शुरू हुई थी।
  • बिल्डिंग में क्या संचालित हो रहा थाभवन के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप, जबकि प्रथम और द्वितीय मंजिल पर कोचिंग सेंटर, कंप्यूटर लाइब्रेरी और गेमिंग जोन संचालित थे।
  • सीढ़ियां बनीं मौत का रास्ता आग नीचे से ऊपर की ओर फैलने लगी, जिससे संकरी सीढ़ियां धुएं और लपटों से भर गईं और छात्रों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
  • खिड़कियों से कूदने को मजबूर हुए छात्र धुएं के कारण सांस लेना कठिन हो गया तो कई छात्रों ने पहली और दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाने की कोशिश की।
  • बाथरूम में लिया शरण कुछ छात्रों ने धुएं से बचने के लिए खुद को बाथरूम के अंदर बंद कर लिया।
  • दम घुटने से गई कई जानें बंद कमरों और बाथरूम में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण धुआं भर गया, जिससे कई छात्रों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई।
  • स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरीमौके पर मौजूद लोगों ने बिजली के तारों और छज्जों की मदद से कई छात्रों को नीचे उतारा तथा कूदने वाले छात्रों को पकड़ने की कोशिश की।
  • दमकल कर्मियों ने दीवार तोड़कर किया रेस्क्यू भारी धुएं के चलते फायर ब्रिगेड ने पड़ोसी भवन की दीवार तोड़कर अंदर पहुंचने का रास्ता बनाया और एग्जॉस्ट फैन की मदद से धुआं बाहर निकाला।
  • जांच के आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी घायलों का इलाज केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

इससे पहले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा था कि मैंने लखनऊ में आग लगने की घटना वाली जगह का मुआयना किया और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचकर इस दुखद घटना में घायल लोगों और उनके परिवारों से मिलकर उनका हालचाल जाना, साथ ही डॉक्टरों से घायलों के इलाज के बारे में जानकारी ली। कुशल डॉक्टरों की देखरेख में सभी घायलों का उचित इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

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