
डिजिटल डेस्क, लखनऊ । रिश्तों में छोटीमोटी बहस होना सामान्य है, लेकिन कई बार असली परेशानी झगड़े से ज्यादा उसके बाद छाई खामोशी और असहजता बन जाती है। बहस खत्म होने के बाद भी दोनों एकदूसरे से बात करने से बचते हैं, मन में कहीसुनी बातें घूमती रहती हैं और धीरेधीरे भावनात्मक दूरी बढ़ने लगती है।
अगर आप भी झगड़े के बाद ऐसी ही स्थिति से गुजर रहे हैं, तो कुछ छोटीछोटी कोशिशों से माहौल को सामान्य किया जा सकता है। जरूरी है कि दोनों में से कोई एक व्यक्ति पहल करे और रिश्ते को ‘कौन सही था’ की बहस से ज्यादा अहमियत दे।
1. बात बिगड़ने से पहले दिखाएं समझदारी
हर बहस को आगे बढ़ाना जरूरी नहीं होता। छोटी बात कब बड़े विवाद में बदल जाए, पता नहीं चलता। इसलिए जब लगे कि बातचीत तनावपूर्ण हो रही है तो कुछ देर रुकना बेहतर है। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें और पार्टनर की बात पूरी सुनने की कोशिश करें।
2. पुरानी बातों को मन में न पालें
झगड़े के बाद बारबार वही बातें याद करना रिश्ते की दूरी बढ़ा सकता है। अगर दोनों सुलह करना चाहते हैं तो पुरानी रंजिशों को छोड़ना भी सीखना होगा। हर बहस में खुद को सही साबित करने के बजाय रिश्ते की शांति को प्राथमिकता दें।
3. हर बात का पोस्टमार्टम न करें
‘उसने ऐसा क्यों कहा’, ‘मुझे ऐसा जवाब देना चाहिए था’ जैसी बातें बारबार सोचने से मन और ज्यादा परेशान होता है। अगर विवाद सुलझ चुका है तो उसे बारबार दोहराने के बजाय सामान्य बातचीत और रोजमर्रा की जिंदगी की ओर लौटने की कोशिश करें।
4. स्नेह से कम करें भावनात्मक दूरी
कई बार शब्दों से ज्यादा असर एक गले लगाने, हाथ थामने या प्यार भरे स्पर्श का होता है। अगर दोनों सहज हों तो स्नेह का छोटासा इशारा यह संदेश दे सकता है कि आप विवाद को पीछे छोड़कर रिश्ते को फिर से सामान्य करना चाहते हैं।
5. गलती हो तो माफी मांगने में संकोच न करें
माफी मांगना हार मानना नहीं है। अगर आपको लगता है कि आपकी भी गलती थी तो बिना अहंकार के उसे स्वीकार करें। एक सच्ची माफी सामने वाले को यह एहसास करा सकती है कि आपके लिए रिश्ता बहस जीतने से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
6. हल्की बातचीत से तोड़ें चुप्पी
झगड़े के बाद अचानक गंभीर बातचीत शुरू करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में किसी मजेदार घटना, पसंदीदा फिल्म या पुराने खुशनुमा पल की बात करके शुरुआत की जा सकती है। धीरेधीरे बातचीत बढ़ेगी और असहज माहौल कम हो सकता है।
7. माहौल बदलें, मूड भी बदलेगा
अगर विवाद घर में हुआ है तो उसी माहौल में रहना तनाव को बनाए रख सकता है। दोनों सहज हों तो थोड़ी देर बाहर टहलने जाएं, कॉफी पीने निकलें या किसी शांत जगह पर साथ समय बिताएं। वातावरण बदलने से बातचीत शुरू करने में आसानी हो सकती है।
8. मन की बात साफसाफ कहें
अगर आपको महसूस हो रहा है कि पार्टनर अभी भी नाराज है, तो चुप रहने के बजाय सीधे बात करें। आप कह सकते हैं, ‘मैं अब नाराज नहीं हूं और चाहता/चाहती हूं कि हम इस बात को पीछे छोड़कर आगे बढ़ें।’ ऐसी स्पष्ट और शांत बातचीत गलतफहमियों को कम करने में मदद करती है।
ः



