
45°C में दंडवत परिक्रमा
भगवान के प्रति आस्था की कई कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन इस बार जो चित्र। वायरल हो रहा है, उसे देखकर शायद आप भी हैरान रह जाएं. भारत ही नहीं, विदेशों में भी ऐसे भक्त हैं जिनकी श्रद्धा लोगों का दिल जीत लेती है.
सोशल मीडिया पर एक विदेशी भक्त का चित्र।तेजी से वायरल हो रहा है. उसकी भक्ति और समर्पण देखकर लोग अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं. वीडियो देखकर लोग कह रहे हैं-‘ भक्ति की कोई सीमा नहीं होती.’
धूप की तपिश पर भारी पड़ा आस्था का ताप
चित्र। में साफ देखा जा सकता है कि कई विदेशी महिला और पुरुष श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ राधा कुंड की परिक्रमा कर रहे हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात तो यह है कि मई-जून की भीषण गर्मी, जिसमें घर से बाहर निकलने के लिए भी हम दो बार सोचते हैं, वहां ये भक्त जमीन पर लेट-लेटकर ईश्वर को नमन कर रहे हैं. वो भी भारतीय परिवेश में. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो दंडवत परिक्रमा कर रहे हैं.
दंडवत परिक्रमा का मतलब होता है खुद को पूर्णतः ईश्वर को समर्पित कर देना. तपती हुई जमीन में ,लेटना कितना कष्टदायक होता है, यह तो हमारी सोच से भी बाहर है. पर इन विदेशी भक्तों के चेहरे पर न तो थकान है, न ही कोई पछतावा. उनके चेहरे से पर शांति और संतोष झलक रहा है. मानों ऐसा लग रहा हो कि हम ‘मोक्ष’ के मार्ग में हैं. इस तपती हुई धरती पर अपने मन के विकारों को जला रहे हों और अपनी भक्ति को और अधिक निखार रहे हों, और उसकी निखार ऐसी हो कि स्वंय ईश्वर की छवी बन जाए.
सोशल मीडिया पर गूंजा ‘राधे-राधे’
आस्था का एक अलग संसार
हालांकि, इंटरनेट पर हर तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं. जहां कुछ लोग इसे देखकर हैरान हैं, वहीं कुछ इसे अलग नजरिए से भी देख रहे हैं.यह वीडियो महज एक क्लिप नहीं है, बल्कि एक संदेश है कि ईश्वर की खोज में कोई पराया नहीं होता.
आज वृंदावन की गलियों में विदेशी भक्तों का यह हुजूम साबित करता है कि सनातन संस्कृति का प्रकाश पूरी दुनिया में फैल रहा है. वृंदावन की ये गलियां, ये धूल और ये पावन कुंड हमेशा से ही बड़े-बड़े संतों की तपोस्थली रहे हैं, लेकिन आज इन विदेशी श्रद्धालुओं ने यह दिखा दिया है कि यदि मन में अटूट विश्वास हो, तो हर जमीन ‘वृंदावन’ और हर कष्ट ‘भक्ति’ बन जाता हैय



