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दिवाली​​​ पर घर की किस दिशा में लगाएं​​​​​​ किस रंग की लाइट? जानें वास्तु के अनुसार सही नियम

दिवाली​​​ पर घर की किस दिशा में लगाएं​​​​​​ किस रंग की लाइट? जानें वास्तु के अनुसार सही नियम

दिवाली का त्योहार रोशनी और खुशियों का प्रतीक है। इस मौके पर लोग अपने घरों को रंग-बिरंगी झालरों, दीपकों और खूबसूरत लाइटों से सजाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में घर की अलग-अलग दिशाओं के लिए अलग-अलग रंगों की रोशनी को शुभ माना गया है?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सही दिशा में सही रंग की लाइट लगाने से घर का वातावरण शांत, सुंदर और सकारात्मक बना रहता है। अगर आप भी दिवाली पर घर को खास तरीके से सजाना चाहते हैं, तो जानिए किस दिशा में किस रंग की रोशनी लगाना अच्छा माना जाता है।

1. उत्तर दिशा में लगाएं नीली या हरी लाइट

वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा का संबंध धन के देवता कुबेर से माना जाता है। इसे आर्थिक अवसरों और तरक्की से भी जोड़कर देखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिशा में हल्की नीली या हरे रंग की लाइट लगाने से सकारात्मक माहौल बनता है।

दिवाली पर उत्तर दिशा वाले हिस्से को सजाते समय बहुत तेज रोशनी के बजाय हल्के रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. ईशान कोण में रखें हल्की पीली या सफेद रोशनी

घर का उत्तर-पूर्वी हिस्सा ईशान कोण कहलाता है। वास्तु में इसे पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस दिशा में हल्की पीली या सॉफ्ट व्हाइट लाइट लगाना शुभ माना जाता है। यहां बहुत तेज या आंखों को चुभने वाली रोशनी लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। हल्की रोशनी से पूजा स्थल और आसपास का हिस्सा शांत और आकर्षक दिखाई देता है।

3. आग्नेय कोण में लगाएं गुलाबी या नारंगी लाइट

दक्षिण-पूर्व दिशा को आग्नेय कोण कहा जाता है। वास्तु मान्यताओं में इसका संबंध अग्नि तत्व से जोड़ा गया है।

दिवाली पर इस दिशा में गुलाबी, हल्की लाल या नारंगी रंग की लाइट लगाई जा सकती है। ये रंग घर की सजावट को आकर्षक बनाने के साथ उत्सव का माहौल भी तैयार करते हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस दिशा में इन रंगों का इस्तेमाल शुभ माना जाता है।

4. पूर्व दिशा में लगाएं हरी या हल्की पीली लाइट

पूर्व दिशा को उगते सूर्य की दिशा माना जाता है। वास्तु शास्त्र में इसे नई शुरुआत, मान-सम्मान और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है।

दिवाली की सजावट के दौरान इस दिशा में हरे या हल्के पीले रंग की लाइट लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर का यह हिस्सा रोशन और सुंदर दिखाई देता है।

5. पश्चिम दिशा में लगाएं सफेद या वॉर्म व्हाइट लाइट

वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं में पश्चिम दिशा को लाभ और बचत से जोड़ा जाता है। इस दिशा में सफेद या वॉर्म व्हाइट रंग की लाइट लगाने की सलाह दी जाती है।

इस तरह की रोशनी घर में सादगी और संतुलन का एहसास कराती है। दिवाली पर पश्चिम दिशा में बहुत गहरे या जरूरत से ज्यादा चमकीले रंगों के बजाय हल्की रोशनी का चुनाव कर सकते हैं।

6. मुख्य दरवाजे पर लगाएं सुनहरी रोशनी

दिवाली पर घर का मुख्य दरवाजा सजाने का विशेष महत्व होता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, प्रवेश द्वार पर सुनहरी या वॉर्म येलो लाइट लगाना शुभ माना जाता है।

मान्यता है कि साफ-सुथरा और रोशनी से जगमगाता मुख्य दरवाजा मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक होता है। आप यहां हल्की पीली झालर या सजावटी लाइट लगा सकते हैं। इससे घर का प्रवेश द्वार भी खूबसूरत दिखाई देगा।

खराब और टिमटिमाती लाइट लगाने से बचें

दिवाली की सजावट शुरू करने से पहले सभी बल्बों और झालरों की जांच कर लें। अगर कोई लाइट खराब है या लगातार टिमटिमा रही है, तो उसे ठीक कराएं या बदल दें।

वास्तु मान्यताओं में उत्तर और ईशान कोण में बहुत तेज लाल या गहरे रंग की रोशनी से बचने की सलाह दी जाती है। इन स्थानों पर हल्की और सौम्य रोशनी बेहतर मानी जाती है।

पूजा घर और मुख्य द्वार पर जलाएं घी का दीपक

बिजली की लाइटों के साथ दिवाली पर पारंपरिक दीपक जलाने की भी खास परंपरा है। पूजा घर और मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाकर मां लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। दीपक हमेशा सुरक्षित जगह पर रखें। उसके आसपास पर्दे, कागज या अन्य ज्वलनशील सजावटी सामान न हों और उसे जलता हुआ अकेला न छोड़ें।

दिवाली की सजावट में इन बातों का रखें ध्यान

दिवाली पर घर को सजाते समय रंग और दिशा के साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है। बिजली की झालरों को सही तरीके से लगाएं, खराब तारों का इस्तेमाल न करें और बिजली के कनेक्शन पर जरूरत से ज्यादा लोड न डालें। घर की सजावट ऐसी रखें कि आने-जाने का रास्ता बाधित न हो।

वास्तु शास्त्र में अलग-अलग दिशाओं के लिए बताए गए रंग पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनसे धन, सफलता या खुशहाली मिलने की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। अपनी पसंद, घर की सजावट और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रोशनी का चुनाव करें।

Satya Report डिस्क्लेमर: इस लेख में बताई गई दिशाएं और रंगों से जुड़े शुभ-अशुभ प्रभाव वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य या सुख-समृद्धि की गारंटी न समझें।

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