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International Yoga Day 2026: क्या नियमित योग से कम पड़ते हैं बीमार? जानिए रिसर्च क्या कहती है

Yoga and Immunity: दुनिया भर में आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग के नियमित अभ्यास करने से लोग लंबी उम्र तक स्वस्थ व निरोगी रह सकते हैं। योग न सिर्फ शरीर को फिट रखता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है। यह लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं। एक्सपर्ट की मानें तो सभी उम्र के लोग योग का अभ्यास करके सेहत का लाभ उठा सकते हैं। योग आपको सिर्फ फायदे देता है और इसका कोई नुकसान नहीं होता है।

International Yoga Day 2026: क्या नियमित योग से कम पड़ते हैं बीमार? जानिए रिसर्च क्या कहती है

अगर रोजाना 30 मिनट से लेकर 60 मिनट तक योग का अभ्यास किया जाए, तो जीवन में खुशहाली आती है। योग आपके शरीर और मन को जोड़ता है। योग से मेंटल हेल्थ बूस्ट होता है और आपको खुश रहने में मदद करता है। योग आपके शरीर की शक्ति, संतुलन और फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाता है। योगाभ्यास के दौरान धीमी गति और गहरी सांस लेने से ब्लड फ्लो बेहतर होता है और मसल्स मजबूत होते हैं।

हमारे शरीर की इम्युनिटी अच्छी होती है, तो हम तरह की बीमारियों से लड़ सकते हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, तो शरीर वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ लेता है और बीमारियों को हराने में सक्षम होता है।

इम्युनिटी को बूस्ट करने के लिए योग

  • धनुरासन या धनुष मुद्रा

इस आसन को करने के लिए अपने पेट के बल आराम से लेट जाएं, अपने पैरों को कूल्हेचौड़ाई से अलग रखें और अपने हाथों को बगल में रखें। अब अपने घुटनों को मोड़ें और अपनी एड़ियों को अपने बट की ओर ले जाएं। अपने हाथों से दोनों पैरों की एड़ियों को पकड़ लें। अब सांस लेते हुए अपनी छाती और पैरों को जमीन से ऊपर उठाएं। अपने चेहरे को सीधा रखते हुए अपने पैरों को जितना हो सके खींचे। आपका शरीर धनुष की तरह कड़ा होना चाहिए। 45 सांस के लिए रुकें और फिर प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।

धनुरासन

  • धनुरासन के लाभ

आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत करने, रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और शरीर की मुद्रा को सुधारने में मदद करता है। धनुरासन के नियमित अभ्यास से रक्त संचार बेहतर होता है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति को बढ़ाता है। यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज और अपच में राहत मिलती है। इसके अलावा, यह तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक है, क्योंकि यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है।

  • वृक्षासन या ट्री पोज

अपने पैरों को एक दूसरे के करीब रखते हुए जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने बाएं घुटने को मोड़ें और तलवे को अपनी दाहिनी जांघ पर रखें। इस पोजीशन में अपने शरीर को बैलेंस करने की कोशिश करते हुए सांस अंदर लें और छोड़ें। धीरेधीरे अपने हाथों को ऊपर उठाएं और उन्हें अपने सिर के ऊपर ले आएं, दोनों हथेलियों को आपस में नमस्ते मुद्रा में मिला लें। मुद्रा में 45 सांसों के लिए रुकें और फिर धीरे से अपने हाथों को नीचे करें और अपने पैर को वापस जमीन पर रख दें। दूसरे पैर से भी ऐसा ही दोहराएं।

वृक्षासन

  • वृक्षासन के लाभ

इंडियन एकेडमी ऑफ पिडियाट्रीक के मुताबिक बच्चों में उनके बेहतर विकास के लिए जरूरी है। इससे शरीर में फ्लेक्सीबिलिटी बढ़ने, मांसपेशियों का विकास होने, फोकस बढ़ने और स्ट्रेस और वर्क मैनेजमेंट स्किल्स बढ़ती है। बच्चों को प्रतिदिन 20 से 30 मिनट तक योग करने की आदत जरूर डालें। इससे उनकी सही ग्रोथ में मदद मिलेगी। योगासन की आदत बच्चों में एनर्जी बनाएं रखने में मदद करेगा।

  • ब्रिज पोज या सेतु बंध सर्वंगासन

अपने पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग करके अपनी पीठ के बल लेट जाएं। अपने घुटनों को मोड़ें और अपने हाथों को अपने बगल में रखें। सांस अंदर लें, अपने पैरों को जमीन पर दबाएं और धीरे से अपने कूल्हों को उठाएं और रीढ़ की हड्डी को फर्श से ऊपर उठाएं। अपनी बाहों और कंधों को जमीन पर दबाएं, अपनी टेलबोन को लंबा करें और अपनी छाती को ऊपर उठाएं। अपने हाथ को अपनी पीठ के पीछे रखें और 45 सेकंड के लिए रुकें।

सेतुबंध आसन

  • ब्रिज पोज के लाभ

इस आसन से गर्भवती महिला को बैक मसल में बहुत सपोर्ट मिलता है। नियमित रूप से इसका अभ्‍यास किया जाए, तो स्‍ट्रेस व एंग्‍जाइटी को दूर भगाती है। यह मुद्रा कूल्हे, ग्लूट्स, पैर और पेट की चर्बी पर काम करती है और आपका एक्स्ट्रा करती है। यह मांसपेशियों को एक्टिवेट कर देती है, जिससे कि बॉडी फैट बर्निंग कैपेसिटी बढ़ जाती है।

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