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International Yoga Day 2026: सिर्फ सेहत ही नहीं, अरबों का बिजनेस भी दे रहा है योग

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया इंटरनेशनल योग डे 2026 सेलीब्रेट कर रही है. अगर बात भारत की करें तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर तमाम लोग योगाभ्यास करते हुए दिखाई दिए. मौजूदा समय में योग एक बड़ी इंडस्ट्री के रूप में डेवलप हो चुका है. सिर्फ भारत में ही इसका करीब 7 अरब डॉलर का कारोबार है. अगर बात पूरी दुनिया की करें तो आंकड़ा 126 बिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है. रिपोर्ट के अनुसार वैसे अगले एक दश​क से भी कम समय योग इंडस्ट्री की सूरत बदलती हुई दिखाई दे सकती है. उसका कारण भी है. साल 2033 तक भारत के योग मार्केट की ग्रोथ 150 फीसदी से ज्याद बढ़ने का अनुमान है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर योग मार्केट कितना बड़ा है और साल 2033 तक का क्या अनुमान लगाया गया है.

International Yoga Day 2026: सिर्फ सेहत ही नहीं, अरबों का बिजनेस भी दे रहा है योग

कितना बड़ा है योग का कारोबार?

देश में योग का कारोबार काफी बड़ा हो गया है. ग्रैंड व्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 में भारत के योग मार्केट की वैल्यू 6.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी और अनुमान है कि 2033 तक यह 10 फीसदी से ज्यादा की CAGR दर से बढ़कर करीब 18 बिलियन डॉलर हो जाएगी. इस बढ़ते हुए सेक्टर में लोकल पारंपरिक क्लास और डिजिटल फिटनेस ऐप से लेकर ग्लोबल वेलनेस टूरिज्म तक सब कुछ शामिल है. इससे साबित होता है कि मौजूदा समय में भारत में योग आम लोगों की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन गया है. जिसकी वजह से भारत के योग मार्केट में लगातार तेजी देखने को मिल रही है.

मार्केट के मुख्य हिस्से

  1. ऑफलाइन योग और स्टूडियो: पारंपरिक ऑफलाइन कोर्स और कम्युनिटीबेस्ड स्टूडियो का दबदबा है, जिनसे सबसे ज्यादा रेवेन्यू आता है.
  2. डिजिटल और ऑनलाइन योग: Cult.fit, Fittr और HealthifyMe जैसे प्लेटफॉर्म की वजह से ऑनलाइन योग और वेलनेस ऐप्स तेजी से बढ़ने वाला जरिया बन गए हैं.
  3. योग के कपड़े: भारतीय योग कपड़ों के मार्केट ने 2 बिलियन डॉलर से से ज़्यादा का रेवेन्यू कमाया है और 2033 तक इसके 5 बिलियन डॉलर से ज़्यादा होने की उम्मीद है. बॉटम वियर और आउटर वियर बहुत फायदेमंद हैं.
  4. योग टूरिज्म और रिट्रीट: यह इकॉनमी के लिए एक बड़ा फैक्टर है, खासकर ऋषिकेश, केरल और बिहार जैसे हब में. घरेलू और विदेशी वेलनेस यात्रियों की वजह से यह सेक्टर हर साल अरबों का लोकल रेवेन्यू कमाता है.
  5. योग एक्सेसरीज: मैट, ब्लॉक और स्ट्रैप जैसी एक्सेसरीज के मार्केट की वैल्यू 720 मिलियन डॉलर थी और फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता और शहरीकरण की वजह से यह लगातार बढ़ रहा है.

क्यों बढ़ रहा है योग का मार्केट

आयुष मंत्रालय और संस्थागत कार्यक्रम लगातार योग को सार्वजनिक स्वास्थ्य के एक मुख्य स्तंभ के तौर पर बढ़ावा दे रहे हैं. वहीं दूसरी ओर महामारी के बाद बचावकेंद्रित स्वास्थ्य सेवा पर बढ़ता ध्यान और दिल्ली, मुंबई व बेंगलुरु जैसे शहरी केंद्रों में लोगों की खर्च करने योग्य आय में बढ़ोतरी से प्रीमियम सेगमेंट में खर्च बढ़ रहा है. सांस्कृतिक रूप से सीमित और अव्यवस्थित तौरतरीकों से हटकर व्यवस्थित और कमर्शियलाइज़्ड वेलनेस ब्रांडिंग की ओर बढ़ने की वजह से भी योग मार्केट में ग्रोथ देखने को मिल रही है.

इंटरनेशनल मार्केट भी कम नहीं

अगर ग्लोबल योग मार्केट की बात करें तो उसकी वैल्यू लगभग 138.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर है और अनुमान है कि 2033 तक यह 269.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी, जिसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 9.9% होगी. इंटरनेशनल लेवल को योग को बढ़ावा देने वाले कई फैक्टर काम कर रहे हैं. मार्केट में ऑफलाइन योग कोर्स का दबदबा है, जिनकी हिस्सेदारी 73 फीसदी से ज्यादा है. हालाँकि, टेक्नोलॉजी तक आसान पहुंच और रिमोट वर्किंग की सुविधा के कारण ऑनलाइन/वर्चुअल योग कोर्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट है.

इंटरनेशनल लेवल पर योग का सबसे बड़ा कंज्यूमर बेस हैं, जो योग करने वालों में लगभग 72 फीसदी हैं. 3050 साल की उम्र का ग्रुप मुख्य कंज्यूमर सेगमेंट है. तेजी से बढ़ता योग टूरिज़्म मार्केट रेवेन्यू का एक बड़ा ज़रिया है, जिसकी वैल्यू अलग से 174 बिलियन डॉलर से 245 बिलियन डॉलर है के बीच है, और एशियापैसिफ़िक क्षेत्र इसका मुख्य केंद्र है.

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