
लखनऊ, अमृत विचार : जौनपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से राजस्थान के एक पीड़ित कारोबारी को न्याय मिला है। भाई की जमानत कराने आए बीकानेर के जयपाल शर्मा से एक अधिवक्ता ने विश्वासघात कर 41 लाख रुपये लूट लिए थे। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर जिला पुलिस ने कुछ घंटों के भीतर मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके पास से 35 लाख रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है।
विश्वास की आड़ में रची गई साजिश
राजस्थान के बीकानेर निवासी जयपाल शर्मा अपने भाई की जमानत के सिलसिले में वाराणसी आए थे, जहां उनका संपर्क स्थानीय अधिवक्ता अभिनव सिंह उर्फ चंदन से हुआ। अधिवक्ता ने उनका विश्वास जीत लिया। 5 सितंबर 2026 को जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभियुक्त वादी को जौनपुर ले गया। वहाँ दो जौहरी व्यवसायियों से कुल 41 लाख रुपये नकद दिलवाए गए। वापसी में गाड़ी को यूटर्न लेकर अभियुक्त ने वादी का मोबाइल छीन लिया, जान से मारने की धमकी दी और 2030 किलोमीटर तक बंधक बनाकर घुमाया। अंत में टोल प्लाजा के पास रुपयों से भरा बैग छीनकर पीड़ित को धक्का देकर भगा दिया।
डीआईजी को दी ऑडियो रिकॉर्डिंग, 24 घंटे में कार्रवाई के निर्देश
पीड़ित ने 18 सितंबर को डीआईजी के समक्ष बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ प्रार्थना पत्र दिया। डीआईजी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे में कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसके बाद 20 सितंबर 2026 को थाना बक्शा में मुकदमा दर्ज हुआ। एसएसपी जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए छापेमारी की और मुख्य अभियुक्त अधिवक्ता अभिनव सिंह को घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार और 35 लाख रुपये नकद के साथ दबोच लिया। शेष 6 लाख रुपये अभियुक्त ने अपने व्यक्तिगत खर्चों में उड़ाना स्वीकार किया है।
दूसरा आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश
घटना में शामिल दूसरा आरोपी उपदेश पाठक फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। चंद घंटों में पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु ₹50,000 के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। इसके साथ ही बेहतर कप्तानी और कुशल पर्यवेक्षण के लिए एसएसपी जौनपुर और एएसपी जौनपुर गोल्डी गुप्ता को विशेष प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है।


