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​नार्को-टेरर पर J&K पुलिस का सबसे बड़ा एक्शन: 138 करोड़ की 288 संपत्तियां जब्त, सितंबर में 5 आतंकी ढेर

जम्मूकश्मीर में आतंकवाद और नार्कोसिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. आतंकवाद और ड्रग नेटवर्क से जुड़ी 138 करोड़ रुपये से अधिक की 288 संपत्तियां ज़ब्त कर जम्मूकश्मीर पुलिस देशभर में पहले पायदान पर पहुंच गई है. आतंकियों की आर्थिक रीढ़ और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए गए इन संयुक्त ऑपरेशन्स के दौरान सितंबर महीने में लश्कर के टॉप कमांडर फौजी मूसा समेत 5 बड़े आतंकियों को भी ढेर किया गया है.

ये अभियान कश्मीर घाटी से लेकर जम्मू और पीर पंजाल के इलाकों तक चलाए गए. इनका सीधा मकसद विदेशी आतंकियों का सफ़ाया करना, उन्हें स्थानीय स्तर पर मिलने वाली मदद और सामान की सप्लाई को रोकना और आतंकियों के पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ना था.

‘ऑपरेशन शेरूवाली’ से शुरू हुआ विदेशी आतंकियों पर शिकंजा
मई 2026 में शुरू किया गया ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ एक इंटेलिजेंसबेस्ड मल्टीएजेंसी प्रयास था, जो सेंट्रल और नॉर्थ कश्मीर में छिपे विदेशी कमांडरों और ऊंचे इलाकों में बने उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए चलाया गया था. सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज़ किए और घने जंगलों में छिपे आतंकियों को बाहर निकालने के लिए पुंछराजौरी और किश्तवाड़ की पीर पंजाल रेंज में कई स्तरों पर घेराबंदी की.

अगस्त में जम्मूकश्मीर पुलिस ने बड़े इनामों की घोषणा की और इलाके में लश्करएतैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के मुख्य रिक्रूटमेंट अधिकारियों को निशाना बनाते हुए खास ऑपरेशन शुरू किए. जुलाई और अगस्त के दौरान, जम्मूकश्मीर पुलिस ने घाटी में फरार टेरर हैंडलर्स और ओवरग्राउंड वर्कर्स से जुड़ी संपत्तियों को ज़ब्त करने के लिए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम का इस्तेमाल किया, जिससे सक्रिय आतंकियों को मिलने वाली लोकल लॉजिस्टिक्स और पनाह की मदद बंद हो गई.

सितंबर में 4 बड़े एनकाउंटर, फौजी मूसा समेत 5 आतंकी ढेर
सितंबर 2026 में कई सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर घाटी और जम्मू इलाके में टेरर नेटवर्क के ख़िलाफ़ बड़ी सफलता हासिल की. ऑपरेशन का फोकस बड़े आतंकी कमांडरों को निशाना बनाने, सक्रिय सेल्स को खत्म करने और आर्थिक व लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सिस्टम को व्यवस्थित रूप से तोड़ने पर था. सुरक्षा बलों ने लश्करएतैयबा के टॉप कमांडर हाशिम मूसा को मारकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की. सितंबर की शुरुआत में, 4 सितंबर को ‘ऑपरेशन असधर’ के दौरान एक टारगेटेड जॉइंट ऑपरेशन में लश्करएतैयबा का एक और अहम सदस्य, यासिर, मारा गया.

सितंबर के मध्य में, जॉइंट टीमों ने उधमपुर जिले के जंगली इलाकों में खुफिया जानकारी के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किए. इसके बाद हुई मुठभेड़ में जैशएमोहम्मद के दो आतंकवादी सद्दाम और मुस्तफा मारे गए. सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार जब्त किए, जिनमें M4 कार्बाइन, AK असॉल्ट राइफल, साइडआर्म्स और जिंदा ग्रेनेड शामिल थे. पुलिस को विदेशी हथियार, खास कम्युनिकेशन सेट और विस्फोटक उपकरण भी मिले. सितंबर के महीने में जम्मूकश्मीर में आतंकवाद विरोधी चार बड़े ऑपरेशनों में कुल 5 आतंकवादी मारे गए.

UAPA के तहत संपत्ति ज़ब्त करने में J&K पुलिस देश में नंबर1
जम्मूकश्मीर पुलिस ने ‘गैरक़ानूनी गतिविधि अधिनियम’ के कड़े प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए सक्रिय या फरार आतंकवादियों के नाम पर दर्ज कई अचल संपत्तियों को ज़ब्त किया और उन्हें आतंकवाद से हासिल संपत्ति घोषित किया. सुरक्षा बलों ने उधमपुर और कुपवाड़ा जैसे सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ करने वाले ग्रुप्स की मदद करने वाले कई संदिग्धों और लॉजिस्टिक्स संभालने वालों को हिरासत में लिया और गिरफ्तार किया.

जम्मूकश्मीर के DGP नलिन प्रभात ने खुद बताया कि जम्मूकश्मीर पुलिस ने आतंकवाद और ड्रग्स के खिलाफ एक बड़े अभियान में 138 करोड़ रुपये से ज़्यादा कीमत की 288 संपत्तियां जब्त की हैं. इस तरह की जब्ती के मामले में जम्मूकश्मीर पूरे देश में पहले नंबर पर है. पुलिस ने जानकारी दी कि 3,257 मामले दर्ज किए गए और लगभग 4,000 गिरफ़्तारियां हुईं. साथ ही, यह भी कहा कि सुरक्षा बलों के लिए पिछला महीना बहुत कामयाब रहा.

जम्मूकश्मीर पुलिस के डायरेक्टर जनरल नलिन प्रभात ने कहा ‘अब तक 3,257 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 2,500 से ज़्यादा मामलों का निपटारा किया जा चुका है. लगभग 4,000 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और 170 लोगों को सज़ा भी हुई है. प्रॉपर्टी ज़ब्त करने के मामले में, हम पूरे भारत में पहले नंबर पर हैं. कुल ₹178 करोड़ से ज़्यादा कीमत की 288 प्रॉपर्टीज़ ज़ब्त की गई हैं. ₹80 लाख से ज़्यादा कैश भी ज़ब्त किया गया है. इसके अलावा, पूरे भारत में हम ‘PIT NDPS’ के तहत सबसे ऊपर हैं. 144 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए गए हैं. सर, जैसा कि आप जानते हैं, आपकी लीडरशिप और गाइडेंस में काउंटरटेररिस्ट ऑपरेशन के ज़रिए पड़ोसी देश के नापाक इरादों को नाकाम करने की J&K पुलिस की कोशिशों में, सितंबर का महीना हमारे लिए बहुत ख़ुशी और कई ऑपरेशनल कामयाबियों वाला महीना रहा है.’

नार्कोटेरर सिंडिकेट पर शिकंजा
हाल ही में मिली कामयाबी में, एक दिन पहले श्रीनगर में एक इंटरस्टेट नार्कोटेरर मॉड्यूल का पर्दाफ़ाश करते हुए ₹7.11 करोड़ की चार अचल संपत्तियां ज़ब्त की गईं. पुलिस ने पुष्टि की है कि एंटीटेरर और एंटीसोशल नेटवर्क, उनके इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम, जिसमें उनके फाइनेंशियल चैनल भी शामिल हैं जो आजकल ज्यादातर ड्रग्स के धंधे से जुड़े हैं, को खत्म करने का मिशन सख्ती से जारी रहेगा और उनके खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

श्रीनगर के SSP जी.वी. संदीप ने कहा ‘ये सप्लाई चेन कैसे काम कर रही हैं और जो आरोपी बाहर से ड्रग्स लाकर यहां जमा करते हैं, वे इसे कैसे बांट रहे हैं? वे किसे सप्लाई कर रहे हैं? इस सप्लाई सिस्टम में कौनकौन शामिल है? इसमें किसे फ़ायदा हो रहा है? चाहे छोटा हो या बड़ा, हम सबकी पहचान करेंगे और उन्हें पकड़ेंगे और जल्द से जल्द उन्हें आपके और कोर्ट के सामने पेश करेंगे. हम वादा करते हैं कि सोर्स से लेकर डेस्टिनेशन तक, हम किसी को नहीं छोड़ेंगे और जहां तक फाइनेंशियल इकोसिस्टम की बात है, जैसा कि मैंने कहा, अब तक इसमें 1 करोड़ कैश और 1 से 1.5 करोड़ की कीमत का सोना बरामद किया गया है, और कई बैंक अकाउंट भी फ्रीज किए गए हैं. यह रकम लगभग 1.5 करोड़ तक पहुंच रही है, और गाड़ियां और अचल संपत्ति भी जब्त की गई है. आज सुबह हमारे DGP सर ने भी घोषणा की कि पूरे देश में अब तक 250 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जो नशीले पदार्थों के कारोबार से कमाई गई थी.’

आतंकी संगठनों का कमांड स्ट्रक्चर और फंडिंग दोनों ध्वस्त
जम्मूकश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और CRPF के इन मिलेजुले ऑपरेशन्स ने LeT, HM और JeM जैसे बड़े आतंकी संगठनों के कमांड स्ट्रक्चर को बुरी तरह से तोड़ दिया है, खासकर ऊंचे इलाकों और जंगलों में बने उनके ठिकानों पर. साथ ही, पाकिस्तानी हैंडलर्स के समर्थन वाले नार्कोट्रेड पर की गई कार्रवाई ने आतंकी संगठनों की आर्थिक स्थिरता और सप्लाई चेन को भी तोड़ दिया है. जम्मूकश्मीर को आतंकवादमुक्त बनाने के लिए शहरों से लेकर सीमाओं तक यह कार्रवाई जारी है और हर गुजरते दिन के साथ इसे और तेज किया जा रहा है.

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