महिलाओं में ओवरी सिस्ट की समस्या काफी आम मानी जाती है. कई बार अल्ट्रासाउंड में सिस्ट का पता चलता है, जिसके बाद महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है. ओवरी सिस्ट तरल पदार्थ से भरी एक छोटी थैली होती है, जो ओवरी में बन सकती है. कुछ सिस्ट समय के साथ अपने आप खत्म हो जाती हैं, जबकि कुछ मामलों में इलाज की जरूरत पड़ सकती है. हर ओवरी सिस्ट खतरनाक नहीं होती. कई बार यह हॉर्मोनल बदलावों के कारण बनती है और कुछ महीनों में अपने आप ठीक हो सकती है.

सिस्ट का आकार, प्रकार और उससे होने वाले लक्षण यह तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं कि आगे क्या उपचार जरूरी है. कई महिलाओं को कोई लक्षण महसूस नहीं होते, जबकि कुछ को पेट दर्द, भारीपन या में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में सही जांच और डॉक्टर की सलाह के आधार पर उपचार तय किया जाता है. आइए जानते हैं कि कितने सेंटीमीटर की ओवरी सिस्ट में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती और किन परिस्थितियों में ऑपरेशन कराना जरूरी हो सकता है.
कितने सेंटीमीटर की ओवरी सिस्ट बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है?
आरएमएल हॉस्पिटल में महिला रोग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सलोनी चड्ढा बताती हैं कि आमतौर पर छोटी और साधारण ओवरी सिस्ट, जो लगभग 5 से 6 सेंटीमीटर तक की होती हैं, कई मामलों में बिना सर्जरी के अपने आप ठीक हो सकती हैं. डॉक्टर ऐसी सिस्ट की कुछ समय तक निगरानी करते हैं और दोबारा अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं, ताकि यह देखा जा सके कि सिस्ट का आकार घट रहा है या नहीं. अगर सिस्ट में ठोस भाग न हो, दर्द बहुत ज्यादा न हो और महिला की स्थिति सामान्य हो, तो अक्सर दवाओं और नियमित जांच के जरिए स्थिति पर नजर रखी जाती है.
कुछ सिस्ट हॉर्मोनल बदलावों के कारण बनती हैं और कुछ महीनों में अपने आप खत्म हो जाती हैं. हालांकि हर महिला की स्थिति अलग होती है, इसलिए केवल सिस्ट के आकार के आधार पर निर्णय नहीं लिया जाता. उम्र, लक्षण, सिस्ट का प्रकार और मेडिकल हिस्ट्री को ध्यान में रखकर ही डॉक्टर उपचार तय करते हैं.
कब ओवरी सिस्ट के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है?
अगर सिस्ट का आकार लगातार बढ़ रहा हो, बहुत बड़ा हो जाए या अल्ट्रासाउंड में उसमें जटिल बदलाव दिखाई दें, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं. इसके अलावा, अगर तेज दर्द, लगातार भारीपन, बारबार समस्या या कैंसर की आशंका हो, तो ऑपरेशन जरूरी हो सकता है.
कुछ मामलों में सिस्ट फट सकती है या ओवरी में मरोड़ पैदा कर सकती है, जिससे अचानक तेज दर्द हो सकता है. ऐसी स्थिति मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है. अगर दवाओं और निगरानी के बावजूद सिस्ट में सुधार न हो, तो सर्जरी बेहतर विकल्प हो सकती है. सही समय पर उपचार कराने से जटिलताओं से बचा जा सकता है.
किन लक्षणों में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए?
अगर अचानक पेट या पेल्विक एरिया में तेज दर्द हो, पेट में सूजन बढ़ जाए, उल्टी आए, चक्कर महसूस हों या कमजोरी बहुत ज्यादा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. असामान्य पीरियड्स, लगातार दर्द, इंटरकोर्स के दौरान दर्द या पेट में दबाव महसूस होना भी अहम संकेत हो सकते हैं. अगर दर्द अचानक शुरू हो और बहुत तेज हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर जांच और उपचार से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है.



