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कुशीनगर का ‘वेतन कांड’: कागजों में ड्यूटी और हकीकत में विदेश, भ्रष्ट पिता ने सरकारी खजाने में लगाई सेंध

Satya Report: कुशीनगर का ‘वेतन कांड’: कागजों में ड्यूटी और हकीकत में विदेश, भ्रष्ट पिता ने सरकारी खजाने में लगाई सेंध

कुशीनगर से भ्रष्टाचार की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जहां रिश्तों ने नियम-कानून को बंधक बना लिया,यहां एक पिता ने अपनी बेटी को गैर-कानूनी तरीके से फायदा पहुंचाने के लिए न सिर्फ सरकारी कागजों में हेराफेरी की,बल्कि विदेश में बैठी बेटी का वेतन भी सरकारी खजाने से निकाल लिया. कुशीनगर के थाना रविन्द्रनगर धूस में दर्ज यह NCRB (I.I.F-I) रिपोर्ट एक भ्रष्टाचार के उस जाल का खुलासा कर रही है.

फाजिलनगर क्षेत्र के पिपरा कनक के बोदा टोला पर स्थित मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल द्वारा किया गया ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है. आरोप है कि मदरसे का प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी अपनी बेटी तालीमुन निशा,जो उसी मदरसे में शिक्षिका है जो मार्च 2026 में विदेश यात्रा पर थी. जबकि नियम कहते हैं कि छुट्टी के लिए संस्था प्रधान की अनुमति होनी चाहिए. लेकिन यहाँ प्रबंधक पिता ने खुद ही ”सुपर बॉस” बनकर बेटी की फर्जी छुट्टी मंजूर कर दी. इतना ही नहीं, जब बेटी सात समंदर पार थी, तब कागजों में उसे हाजिर दिखाकर फरवरी और मार्च 2026 का पूरा वेतन निकाल लिया गया.

अब इस बड़े फर्जीवाड़े को कुशीनगर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल गोंड ने अपने औचक निरीक्षण में पकड़ा हैं जिसके बाद हड़कंप मच गया हैं. हैरानी की बात यह है कि पकड़े जाने के डर से मुमताज ने बैक-डेट में फर्जी दस्तावेज तैयार किए. जबकि जांच रिपोर्ट के मुताबिक, बेटी की विदेश यात्रा की अनुमति के लिए 14 फरवरी 2026 की एक फर्जी बैठक दिखाई गई, जबकि प्रार्थना पत्र 7 मार्च का था. अब इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है.  जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी है.

इससे पहले भी फर्जीवाड़ा

वैसे इस मदरसे का यह कोई पहला फर्जीवाड़ा नही है बल्कि इस मदरसे पर पहले भी आरोप लगे है कि मदरसे में ”पारिवारिक” नौकरी का खेल भी खेला गया और नियम-कानून को ताक पर रखकर मदरसे का प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए पहले तो खुद प्रबंधक की कुर्सी छोड़ी फिर अपने रिश्तेदार को प्रबंधक की कुर्सी पर बैठाया और फिर शुरू हुआ नियुक्तियों का असली खेल. .

मदरसे के पे-रोल पर पूरा परिवार 

आरोप है कि यहां के पूर्व प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी ने सरकारी नियमों के साथ ऐसी ”शातिर चाल” चली कि आज पूरा परिवार ही मदरसे के पे-रोल पर है. जबकि ​नियम कहता है कि मदरसा विनियमावली-2016 के तहत कोई भी प्रबंधक अपने बेटे-बेटी की नियुक्ति नहीं कर सकता. लेकिन यहां जैसे ही प्रबंधक की कुर्सी मुमताज ने छोड़ी उधर प्रबंधक बनाये गए रिश्तेदार से नियुक्तियों की झड़ी लगवा दी. आरोप है कि प्रबंधक रिश्तेदार को प्रभाव में लेते हुए मुमताज ने अपनी पत्नी रहमतुन निशा, बेटी नूर सबिरा और बड़े भाई नसीर अहमद को शिक्षक के पद पर तैनात करवा दिया. इतना ही नहीं, अपने साले हियातुल्लाह को क्लर्क भी बनवा दिया. ​हद तो तब हो गई जब साल 2015 में उसने अपनी दूसरी छोटी बेटी तालीमुन निशा की भी नियुक्ति उसी मदरसे में करा दी. अब इस धांधली की खबर लगते ही प्रशासन हरकत में आ गया है.  जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल गोंड ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.

जबकि जांच अधिकारी द्वारा मदरसा बोर्ड लखनऊ के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर प्रबंध समिति को भंग करने की सिफारिश की गई है. चयन समिति में रिश्तेदारों की मौजूदगी और नियमों के विरुद्ध की गई नियुक्तियों की गहनता से जांच की मांग भी की गई. जब Zee मीडिया सवांददाता प्रमोद कुमार गोंड़ ने ग्राउण्ड ज़ीरो पहुँचकर पड़ताल शुरू की तो मदरसा के प्रबंधक कैमरे के सामने आने से मना कर दिए,जबकि उनके द्वारा सेकेट्री बना कर भेजे गए एक युवक विभाग को FIR दर्ज करवाने के लिए धमकी दे डाली.  फिलहाल, जांच जारी है और दोषियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.

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