
राजस्थान के जालोर जिले में मिले एक अज्ञात शव के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया. जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या किसी दुश्मनी में नहीं, बल्कि पत्नी के प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी. पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची. शराब पिलाकर हत्या करने के बाद शव को दूसरे इलाके में फेंक दिया गया.
Rajasthan Murder Case: 24 जून को आहोर थाना क्षेत्र के सरहद मडला इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. प्रारंभिक जांच और पहचान प्रक्रिया के बाद मृतक की पहचान पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र स्थित रानीगांव निवासी राजेन्द्र कुमार मीणा के रूप में हुई. मामले ने तब नया मोड़ लिया जब मृतक की मां ने अपनी बहू ममता, उसके परिचितों और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया.
48 घंटे में खुला मर्डर का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए जालोर एसपी शैलेंद्र सिंह इंदोलिया के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने एफएसएल, एमओबी, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण शुरू किया. जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी ममता और रमेश कुमार मीणा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में दोनों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया गया, जिसके बाद पूरी साजिश की परतें खुलने लगीं.
14 साल पुरानी शादी में कैसे आई दरार?
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेन्द्र कुमार और ममता की शादी करीब 14 साल पहले हुई थी. शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन पिछले 8 से 10 महीनों से दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा था. घरेलू कलह बढ़ने के बाद ममता अपने पीहर चली गई थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात रमेश कुमार मीणा से हुई. बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए. समय के साथ दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की योजना बनाने लगे, लेकिन ममता का पति राजेन्द्र कुमार उनके रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा बन गया.
प्रेमी के साथ मिलकर रची हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, पति को रास्ते से हटाने के लिए ममता और रमेश ने सुनियोजित योजना बनाई. रमेश ने अपने रिश्तेदार अभिषेक मीणा को भी इस साजिश में शामिल किया. योजना के तहत राजेन्द्र कुमार को मजदूरी दिलाने का झांसा दिया गया. इसके बाद उसे मोटरसाइकिल पर रानीगांव से साथ ले जाया गया. रास्ते में कई बार उसे शराब पिलाई गई ताकि वह पूरी तरह से बेखबर हो जाए और किसी तरह का विरोध न कर सके.
सुनसान जगह पर की हत्या, फिर फेंक दिया शव
पुलिस जांच में सामने आया कि पहले से तय स्थान पर पहुंचने के बाद रमेश और उसके साथी अभिषेक ने मिलकर राजेन्द्र कुमार की हत्या कर दी. हत्या के बाद पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को आहोर थाना क्षेत्र के सरहद मडला इलाके में फेंक दिया गया. आरोपियों को उम्मीद थी कि शव मिलने के बाद पहचान में समय लगेगा और पुलिस जांच किसी अन्य दिशा में चली जाएगी, लेकिन तकनीकी जांच ने उनकी पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया.
तकनीकी साक्ष्य बने सबसे बड़ा हथियार
इस मामले में पुलिस के लिए तकनीकी साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण साबित हुए. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने आरोपियों की गतिविधियों को उजागर कर दिया. लगातार पूछताछ और साक्ष्यों के मिलान के बाद दोनों आरोपियों ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली. इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी ममता और उसके प्रेमी रमेश कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया.
अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस का कहना है कि हत्या की योजना में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. रमेश के रिश्तेदार अभिषेक मीणा सहित अन्य संदिग्धों की संलिप्तता को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश कितने समय पहले बनाई गई थी और इसमें कितने लोग शामिल थे. जालोर एसपी शैलेंद्र सिंह इंदोलिया ने बताया कि मामले का खुलासा तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है. मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि हत्या में शामिल अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है.



