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​मैग्नीशियम की कमी को हल्के में लेना पड़ेगा भारी, जानें ये पोषक तत्व क्यों है जरूरी

भारतीयों में विटामिन्स और मिनरल्स की कमी एक कॉमन प्रॉब्लम बन गई है. वैसे ज्यादातर लोग विटामिन डी और बी12 की कमी को पूरा करने पर फोकस करते हैं. इनमें से जरूरी मैग्नीशियम पर भी ध्यान देना जरूरी है. ऋचा शर्मा कहती हैं कि बॉडी में अगर मैग्नीशियम अगर कम है तो मांसपेशियों में ऐंठन, टांगों में खिंचाव, दर्द, मरोड़ होना, थकान और कमजोरी रहने लगती है.

​मैग्नीशियम की कमी को हल्के में लेना पड़ेगा भारी, जानें ये पोषक तत्व क्यों है जरूरी

मैग्नीशियम की से क्या कैंसर का डर रहता है? इसको लेकर ऐसे सवाल भी लोगों के बीच पॉपुलर हैं. इस आर्टिकल में एक्सपर्ट के जरिए जानें इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें…

इसकी कमी होने पर क्या होता है?

एक्सपर्ट कहती हैं कि जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो शरीर कुछ संकेत देने लगता है, हालांकि शुरुआत में ये हमेशा आसानी से समझ नहीं आते. आपको जरूरत से ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है, भूख कम लग सकती है, मतली हो सकती है या मांसपेशियों में ऐंठन और खिंचाव महसूस हो सकता है. कुछ लोगों को हाथ पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन भी महसूस हो सकता है. हालांकि, अगर कमी ज्यादा बढ़ जाए, तो इसका असर हमारी नसों, मांसपेशियों और दिल के काम करने के तरीके पर भी पड़ सकता है.

कुछ गंभीर मामलों में दौरे पड़ सकते हैं या दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है. मैग्नीशियम शरीर में कैल्शियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है. इसलिए, अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो इन्हें नजरअंदाज करने के बजाय जांच कराना जरूरी है.

क्या कमी से कैंसर का डर रहता है?

इसे थोड़ा ध्यान से समझना जरूरी है. फिलहाल हम यह नहीं कह सकते कि मैग्नीशियम की कमी सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनती है. हालांकि, कुछ रिसर्च में मैग्नीशियम का स्तर कम होने और कुछ तरह के कैंसर के खतरे के बीच संभावित संबंध को लेकर बात की गई है. मैग्नीशियम शरीर में सूजन को नियंत्रित करने, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को मैनेज करने और डीएनए की मरम्मत जैसी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है. जब इन प्रक्रियाओं में गड़बड़ी होती है, तो यह ऐसी स्थितियों से जुड़ सकती है, जिनका संबंध कैंसर के विकास से देखा गया है.

हालांकि, इस पर रिसर्च अभी पूरी तरह साफ नहीं है और कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं. इसलिए, सीधे तौर पर कोई संबंध साबित करने के लिए और रिसर्च की जरूरत है. फिलहाल, शरीर में मैग्नीशियम का सही स्तर बनाए रखना आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी है.

कमी को पूरा करने के लिए क्या खाना चाहिए?

अच्छी बात यह है कि मैग्नीशियम हमें रोजमर्रा के कई खाने की चीजों से मिल सकता है. आप बादाम और काजू जैसे नट्स खा सकते हैं, वहीं कद्दू के बीज और तिल जैसे सीड्स भी अच्छे ऑप्शन हैं. हरी पत्तेदार सब्जियां, खासकर पालक, मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत हैं. इसके अलावा, बीन्स, चना, दालें और साबुत अनाज भी आपकी मैग्नीशियम की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं. अगर हम इंडियन डाइट की बात करें, तो राजमा, चना, बाजरा और रागी को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.

एवोकाडो और डार्क चॉकलेट में भी मैग्नीशियम होता है. तो किसी एक चीज पर निर्भर रहने के बजाय, इन चीजों को अलग अलग तरीके से अपनी डाइट में नियमित रूप से शामिल करना बेहतर रहता है. आमतौर पर, यही मैग्नीशियम की जरूरत पूरी करने का सबसे आसान तरीका है.

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