India

अशोक खरात मामले में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे पाटिल को किया निलंबित

महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल मचा चुके स्वयंभू बाबा अशोक खरात विवाद की आंच अब राज्य की नौकरशाही तक भी पहुंचने लगी है. राज्य सरकार ने अपने अहम फैसले में डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे पाटिल को निलंबित कर दिया. इस मामले में किसी अफसर के खिलाफ यह पहली ऐसी कार्रवाई है.

अशोक खरात मामले में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे पाटिल को किया निलंबित
अशोक खरात मामले में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे पाटिल को किया निलंबित

अभिजीत भांडे पाटिल पर विवादित व्यक्ति अशोक खरात के साथ कथित वित्तीय लेनदेन और करीबी संबंध रखने के आरोप हैं. इन्हीं आरोपों के आधार पर राज्य सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया है. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां खरात से जुड़े आर्थिक व्यवहार, संपर्कों और कथित नेटवर्क की जांच कर रही हैं. इसी जांच के दौरान कुछ सरकारी अफसरों और प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आने लगे हैं.

ED समेत कई एजेंसियां कर रही जांच

स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ दुष्कर्म, यौन शोषण, अंधश्रद्धा फैलाने, जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय समेत कई एजेंसियां कर रही हैं.

खरात को इस साल मार्च महीने में एक महिला द्वारा रेप का आरोप लगाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद हुई जांच में कई बेनामी बैंक खातों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के साथसाथ संदिग्ध भूमि सौदों का भी खुलासा हुआ.

प्रथम दृष्टया दोषी: चंद्रशेखर बावनकुले

अफसर को निलंबित किए जाने को लेकर राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि शुरुआती जांच में भांडेपाटिल के खरात से संबंध पाए गए हैं. उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया वह दोषी मालूम होते हैं. मैंने भांडेपाटिल को निलंबित करने का फैसला लिया है. जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित रखने का फैसला किया गया है.”

महाराष्ट्र सरकार ने मार्च महीने में भांडेपाटिल को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया था. वह वर्तमान में मुंबई में झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थे.

इससे पहले नासिक में पुलिस ने खरात के करीबी सहयोगी नामकर्ण आवारे को 2 दिन पहले बुधवार को गिरफ्तार किया था. नामकर्ण आवारे सहकारी औद्योगिक संपदा का अध्यक्ष भी है. पुलिस के अनुसार, आवारे सिन्नर तालुका सहकारी औद्योगिक संपदा का अध्यक्ष है. वह खरात के ‘शिवानिका ट्रस्ट’ का सचिव भी रह चुका है, जो नासिक के सिन्नर तालुका स्थित मीरगांव में खरात द्वारा स्थापित ईशान्येश्वर मंदिर के प्रशासन की देखरेख करता था.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply