CrimeIndiaUttar Pradesh

भागलपुर BJP नेता हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई! साजिशकर्ता वार्ड पार्षद दीपिका कुमारी गिरफ्तार, शशि मोदी की तलाश तेज..

Bhagalpur BJP Leader Murder Ward Councilor Arrest:भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के श्रीनारायण साह मंडल के अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को पहली बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

एसआईटी में शामिल महिला पुलिस पदाधिकारियों की टीम ने हत्याकांड की साजिश रचने के आरोप में वार्ड संख्या 51 की वर्तमान पार्षद दीपिका कुमारी को कुतूबगंज से गिरफ्तार कर लिया है। दीपिका कुमारी इस हत्याकांड के मुख्य नामजद आरोपी पूर्व पार्षद सह पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष शशि मोदी की पत्नी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

एसआईटी से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी सेल और वैज्ञानिक अनुसंधान के दौरान यह बात प्रमाणित हुई है कि भाजपा नेता की हत्या की पूरी साजिश में दीपिका कुमारी भी बराबर की भागीदार थी।

इस जघन्य वारदात में पूर्व पार्षद शशि मोदी, उसके भांजे कृष्णा मोदी उर्फ किशन मोदी और एक अज्ञात शूटर को पहले ही नामजद किया जा चुका है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और सिटी एसपी अतुलेश झा कर रहे हैं।

कुतूबगंज कुम्हार टोली में 11 सितंबर को की गई थी हत्या

विदित हो कि बीते 11 सितंबर को बबरगंज थाना क्षेत्र के कुतूबगंज कुम्हार टोली के पास सुबह करीब 10 बजे बाइक सवार दो शूटरों ने भाजपा नेता उमा भूषण तांती को गोलियों से भून दिया था। गंभीर रूप से घायल उमा भूषण को परिजन आनन-फानन में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) ले गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

घटना के बाद मृतक के छोटे भाई अरविंद तांती के लिखित बयान पर बबरगंज थाने में पूर्व मंडल अध्यक्ष शशि मोदी, उसके भांजे कृष्णा मोदी और एक अज्ञात अपराधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

काली मंदिर समिति और अध्यक्ष पद को लेकर उपजी थी रंजिश

मृतक के परिजनों के अनुसार, इस खूनी वारदात की जड़ में कुतूबगंज स्थित काली माता मंदिर और महादेव तालाब पर वर्चस्व का पुराना विवाद है। मृतक के भाई अरविंद ने पुलिस को दिए बयान में खुलासा किया है कि उमा भूषण तांती से पहले शशि मोदी ही भाजपा का मंडल अध्यक्ष था। हालांकि, सरकारी नौकरी लग जाने के कारण उसे पद छोड़ना पड़ा था।

इसके बाद कुतूबगंज में भव्य काली मंदिर का निर्माण कार्य उमा भूषण तांती की देखरेख में कराया जा रहा था, जिससे शशि मोदी बुरी तरह खफा था। शशि का कहना था कि वह जिले से बाहर रहकर ही मंदिर निर्माण का संचालन करेगा और उमा भूषण इसमें दखल न दें। जब उमा भूषण ने पीछे हटने से इनकार कर दिया, तो शशि और उसके भांजे कृष्णा ने उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी थी।

चश्मदीद भाई ने बताई हमले की दास्ता

घटना के प्रत्यक्षदर्शी अरविंद तांती ने पुलिस को बताया कि 11 सितंबर की सुबह वह बाइक से दूध लेने निकला था। कुम्हार टोली के समीप उसने देखा कि सिकंदरपुर निवासी कृष्णा मोदी अपने एक नाटे कद के साथी (जिसका चेहरा गमछे से ढका था) के साथ घात लगाए खड़ा था। उसी दौरान उमा भूषण तांती अपने भतीजे अंकित के साथ ग्लैमर बाइक से वहां से गुजरे। तभी दोनों अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

अस्पताल ले जाते वक्त बताई थी बात

अरविंद के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय उमा भूषण ने बताया था कि शशि मोदी ने पुराने विवाद के कारण अपने भांजे कृष्णा के साथ साजिश रचकर उन्हें गोली मरवाई है। पुलिस अब फरार शूटरों को दबोचने के लिए तकनीकी लोकेशन के आधार पर दबिश दे रही है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply