Marigold Flowering Tips: का महीना घर का बगीचा के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इस समय आप गुलदाउदी , साल्विया , वर्वेना के साथसाथ गेंदे का पौधा भी लगा सकते हैं। गेंदा ऐसा फूल है, जिसका इस्तेमाल से लेकर त्योहारों और घर की सजावट तक खूब किया जाता है। अगर सितंबर में गेंदे का पौधा लगाया जाए तो अच्छी देखभाल के साथ दिसंबरजनवरी तक फूल आने शुरू हो सकते हैं। गेंदे का पौधा आप नर्सरी से खरीदकर भी लगा सकते हैं, लेकिन बीज से पौधा तैयार करने का तरीका भी काफी आसान है। अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और सही खाद का इस्तेमाल किया जाए तो गमले में ही गेंदे का पौधा खूब घना हो सकता है और उसमें ढेरों फूल आ सकते हैं।

गेंदे की कौन सी वैरायटी लगाएं?
अगर आप ज्यादा फूल चाहते हैं तो कुछ अच्छी किस्मों का चुनाव कर सकते हैं। इनमें अफ्रीकन मैरीगोल्ड , फ्रेंच मैरीगोल्ड , हाइब्रिड मैरीगोल्ड , मोनिका प्लस और पूसा नारंगी जैसी वैरायटी शामिल हैं। इन किस्मों में सही देखभाल मिलने पर अच्छी फ्लॉवरिंग देखने को मिल सकती है।
घर पर बीज से ऐसे तैयार करें गेंदे का पौधा
गेंदे का पौधा तैयार करने के लिए आप घर में इस्तेमाल हुए गेंदे के फूल से भी बीज निकाल सकते हैं। इसके लिए फूल को अच्छी तरह सुखा लें और फिर उसके अंदर से काले रंग के बीज अलग कर लें। हालांकि, चाहें तो नर्सरी या बाजार से अच्छी क्वालिटी के बीज भी खरीद सकते हैं। बीज बोने के लिए सबसे पहले किसी छोटे कंटेनर में कोकोपीट भरें और उसके ऊपर गेंदे के बीज छिड़क दें। इसके बाद बीजों के ऊपर कोकोपीट की बहुत हल्की परत डालें। पानी देने के लिए मग की जगह स्प्रे बोतल का इस्तेमाल करें, ताकि बीज अपनी जगह से हटें नहीं। आमतौर पर कुछ दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं।
गमले की मिट्टी कैसे तैयार करें?
जब पौधे को बड़े गमले में लगाने का समय आए तो मिट्टी को अच्छी तरह छान लें। गेंदे के लिए आप लगभग 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत कोकोपीट और 20 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट मिलाकर पॉटिंग मिक्स तैयार कर सकते हैं। गमले में पहले मिट्टी का मिश्रण डालें, फिर पौधे को सावधानी से लगाएं और आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबा दें। पौधे की जड़ों को नुकसान न पहुंचे, इसका खास ध्यान रखें।
पौधे को अचानक तेज धूप में न रखें
बीज से पौधा तैयार करते समय शुरुआत में कंटेनर को ऐसी जगह रखें जहां तेज धूप सीधे न पड़ती हो। मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन पानी जमा न होने दें। जब छोटे पौधे निकल आएं तो उन्हें धीरेधीरे धूप की आदत डालें। पहले कुछ घंटे धूप में रखें और फिर धीरेधीरे समय बढ़ाएं। जब पौधा करीब 56 इंच का हो जाए तो उसे बड़े गमले में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके लिए 9×9 या 12×12 इंच के गमले का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक गमले में एक ही पौधा लगाना बेहतर रहेगा। पौधे को ट्रांसफर करने का काम शाम के समय करें। इससे तेज गर्मी के कारण पौधे पर पड़ने वाला ट्रांसप्लांट शॉक कम हो सकता है।
ज्यादा फूल चाहिए तो करें पिंचिंग
गेंदे के पौधे में ज्यादा शाखाएं और फूल पाने के लिए पिंचिंग काफी मददगार हो सकती है। जब पौधा अच्छी तरह बढ़ने लगे तो उसकी ऊपरी बढ़त को हल्के से पिंच कर दें। इससे पौधे में नई शाखाएं निकलने लगती हैं और पौधा ज्यादा घना हो जाता है। घना पौधा होने पर आगे चलकर फूलों की संख्या भी बढ़ सकती है।
पौधा हरा है लेकिन फूल नहीं आ रहे? ये हो सकती है वजह
कई बार गेंदे का पौधा देखने में खूब हराभरा होता है, लेकिन उसमें फूल नहीं आते। इसकी एक वजह बहुत ज्यादा खाद और दूसरी वजह पर्याप्त धूप न मिलना हो सकती है। गेंदे के पौधे को अच्छी फ्लॉवरिंग के लिए पर्याप्त रोशनी चाहिए। अगर पौधा ऐसी जगह रखा है जहां धूप बहुत कम आती है, तो उसमें पत्तियां तो बढ़ सकती हैं, लेकिन फूल कम आ सकते हैं।
सरसों की खली से बढ़ा सकते हैं फ्लॉवरिंग
गेंदे के पौधे को पोषण देने के लिए सरसों की खली का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरसों की खली को पानी में कुछ दिनों के लिए भिगोकर उसका घोल तैयार करें। इस्तेमाल से पहले इसे पर्याप्त पानी के साथ पतला कर लें और फिर मिट्टी में दें। वर्मीकंपोस्ट का घोल भी पौधे को दिया जा सकता है। हालांकि, किसी भी जैविक खाद या घोल का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा न करें।
केले के छिलके का घोल भी कर सकते हैं इस्तेमाल
घर में आसानी से मिलने वाली चीजों से खाद तैयार करना चाहते हैं तो केले के छिलकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। छिलकों को पानी में भिगोकर कुछ समय बाद उस पानी को छान लें और पर्याप्त साफ पानी मिलाकर पौधे में डालें। इसी तरह इस्तेमाल की गई चायपत्ती को अच्छी तरह साफ करके और सीमित मात्रा में खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी भी घरेलू खाद को डालने से पहले यह ध्यान रखें कि उसमें दूध, चीनी या दूसरी चीजें न मिली हों।
महीने में एक बार दें जैविक खाद
गेंदे के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए महीने में करीब एक बार सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट दी जा सकती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और पौधे को मिलने वाला पोषण बेहतर रखने में मदद मिलती है। अगर आप किसी तैयार प्लांट ग्रोथ प्रमोटर या सीवीड आधारित उत्पाद का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसकी पैकेजिंग पर दिए निर्देश और मात्रा का ही पालन करें।
सूखे फूलों को पौधे से निकालते रहें
गेंदे के पौधे पर जो फूल मुरझा जाएं, उन्हें समयसमय पर तोड़कर हटा दें। इसे डेडहेडिंग कहा जाता है। इससे पौधे की ऊर्जा नई कलियों और फूलों की तरफ जाने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि नियमित रूप से सूखे फूल हटाना अच्छी फ्लॉवरिंग के लिए जरूरी माना जाता है।
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गेंदे के फूलों का साइज बढ़ाने के लिए क्या करें?
पौधे को संतुलित पोषण, पर्याप्त धूप और सही पानी देना फूलों की क्वालिटी के लिए सबसे जरूरी है। कुछ गार्डनर्स सरसों की खली के घोल के साथ एप्सम सॉल्ट या सीवीड आधारित लिक्विड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल भी करते हैं। हालांकि, इन चीजों का इस्तेमाल करते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखें। जरूरत से ज्यादा खाद या सप्लीमेंट पौधे को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप गेंदे के पौधे को सही गमले, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप, संतुलित खाद और नियमित देखभाल देंगे तो घर की बालकनी या छत पर भी इसकी अच्छी फ्लॉवरिंग हासिल की जा सकती है।
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