जम्मूकश्मीर के राजौरी जिले में भारतीय सेना के एक अधिकारी शहीद हो गए . बताया जा रहा है कि जिले में चल रहे आतंकरोधी अभियान के दौरान एक लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी पहाड़ी इलाके में फिसलकर गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी जान चली गई.सेना ने उनके पार्थिव शरीर को बरामद कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक अधिकारी राजौरी जिले के डोरिमाल और गंभीर मुगलान बेल्ट में चल रहे ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ का हिस्सा थे. यह ऑपरेशन पिछले 15 दिनों से लगातार जारी है. सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि 2 से 3 पाकिस्तानी आतंकवादी राजौरी के जंगलों में छिपे हुए हैं. इसी इनपुट के आधार पर सेना, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स का संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
तलाशी के दौरान हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार, शनिवार शाम डोरिमाल इलाके में सघन तलाशी अभियान चल रहा था. इसी दौरान लेफ्टिनेंट का पैर फिसल गया और वो सीधे 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरे. उनके साथी जवानों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और उन्हें बाहर निकाला. इस दौरान उन्हें काफी गंभीर चोटें आईं थीं, जिसके चलते उन्होंने दम तोड़ दिया.
शहीद अधिकारी के शव बरामद
सुरक्षा बलों ने शहीद अधिकारी के शव को खाई से निकाल लिया है. सेना और स्थानीय प्रशासन की तरफ से जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. फिलहाल शहीद अधिकारी की पहचान और अन्य विस्तृत जानकारी का आधिकारिक तौर पर इंतजार किया जा रहा है. शहीद अधिकारी को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए आज जम्मू में समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, साथी सैनिक और परिवार के सदस्य अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
सेना का सर्च ऑपरेशन जारी
राजौरी के जंगलों में छिपे आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं. कठिन परिस्थितियों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के बावजूद सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन को आगे बढ़ा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों की तलाश और उन्हें पकड़ने के लिए अभियान जारी रहेगा. पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए गए हैं और ड्रोन एंव अन्य तकनीकी साधनों से निगरानी बढ़ा दी गई है. ऑपरेशन को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक इलाके को आतंकियों से पूरी तरह मुक्त नहीं कर लिया जाता.



