धमतरी

राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के समग्र विकास के लिए संचालित योजनाओं को धमतरी जिले में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने, आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिकआर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कमार समुदाय के लिए आधुनिक व्यवसायिक परिसरों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित इन व्यवसायिक परिसरों का निर्माण जिले के बेलरगांव, कसपुर, बोरई, कुकरेल, सिंगपुर, दुगली एवं केरेगांव में किया जाएगा। इन परिसरों में कमार समुदाय के हितग्राही अपनी आवश्यकता एवं रुचि के अनुसार दुकानें संचालित कर सकेंगे। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी नई मजबूती मिलेगी।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल, बिजली, आजीविका एवं अन्य विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। धमतरी जिले में इस योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप जिले को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जो जिले के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि जनजातीय विकास के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी कमार समुदाय के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में संचालित कमार विद्यालय को उच्चीकृत कर कक्षा दसवीं से बारहवीं तक संचालित करने की प्रक्रिया जारी है। इससे विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी। यह पहल नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों तथा जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
इसी प्रकार जिले के औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बोरई में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल स्थापित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं कांकेर जिले को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु के रूप में विकसित हो रहे बोरई में बस टर्मिनल के निर्माण से यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा व्यापार एवं पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। बस टर्मिनल के साथ विकसित होने वाला व्यवसायिक परिसर स्थानीय युवाओं एवं जनजातीय हितग्राहियों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। बस टर्मिनल के लिए स्थल चयन कर लिया गया है ।
राज्य शासन की जनजातीय कल्याण संबंधी योजनाओं तथा भारत सरकार की पीएम जनमन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय आजीविका मिशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से धमतरी जिले के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर उभर रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि विकास की मुख्यधारा का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी आजीविका और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि “विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। हमारा उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जा रहे व्यवसायिक परिसर कमार समुदाय के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। साथ ही कमार विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर तक विकसित करने तथा बोरई को अंतर्राज्यीय परिवहन एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए जिले को प्राप्त राष्ट्रपति पुरस्कार हमारी पूरी टीम और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। आने वाले समय में भी जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।”
मालूम हो कि धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा के आश्रित गाँव मसानडबरा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए पक्के मकान बनाए गए हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके। यह पहल कमार जनजाति के रहनसहन और मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है |
यह देश की दूसरी और छत्तीसगढ़ की पहली पीएम जनमन आवास कॉलोनी है । यह कॉलोनी विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए बनाई जा रही है। आधुनिकता के दौर में कमार समुदाय की परम्परा,सांस्कृतिक से जुड़े रहने का भी पूरा ख्याल रखा गया है । ताकि नई पीढ़ी को भी अपनी समुदाय की परम्परा, सांस्कृतिक से जुड़े रहे। मसानडबरा में पीएम जनमन आवास कॉलोनी में. पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से की कार्य योजना बनाई जा रही है । ये आवास पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली से जगमग होंगे ।
आवास निर्माण में बड़ी उपलब्धि
जिले में 1481 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1046 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 435 आवास निर्माणाधीन हैं। अधिकारियों ने बताया कि शेष आवास अगले चार माह में पूर्ण कर लिए जाएंगे। ग्रामीणों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
सड़क एवं आधारभूत संरचना का विस्तार
पीएमजनमन योजना के तहत 36 सड़कों का निर्माण स्वीकृत किया गया है। इन सड़कों की कुल स्वीकृति लागत 1341.60 लाख रुपए है। अधिकांश निर्माण कार्य प्रगति पर है। सड़कें बन जाने से दूरस्थ बसाहटों को बाजार, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक सेवाओं से बेहतर जोड़ मिलेगा।
पेयजल व बिजली व्यवस्था पूर्ण
जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी घरों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही हर घर का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है। गांवों में रोशनी पहुँचने से बच्चों की पढ़ाई, आजीविका कार्यों और सुरक्षा की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।
बहुउद्देश्यीय केंद्र: नए अवसरों के द्वार
जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित बहुउद्देश्यीय केंद्र ग्रामीण अंचलों में नई संभावनाएँ तैयार कर रहे हैं।
नगरी ब्लॉक के बोईरगांव में निर्मित नया बहुउद्देश्यीय केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आजीविका संबंधी गतिविधियों का केंद्र बन रहा है।
आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को ज्ञानवर्धक शिक्षण सामग्री और खिलौने उपलब्ध कराए गए हैं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ, प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन भी यहीं प्राप्त होगा।
50सीटर बालक छात्रावास निर्माण नगरी विकासखंड के बाजार कुर्रीडीह में 50सीटर बालक छात्रावास का निर्माण जारी है। इसका कार्य जनवरी तक पूर्ण हो जाएगा। छात्रावास तैयार होने के बाद कमार जनजाति के बच्चों को सुरक्षित आवास, भोजन और अध्ययन की सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
मॉडल बसाहटों में समग्र विकास
ग्राम पिपरहीभर्री में एकीकृत ग्राम योजना एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक एवं संसाधन मानचित्र, गैप एनालिसिस, लघुवनोपज प्रबंधन और आजीविका कार्ययोजनाओं का दस्तावेजीकरण किया गया है।
यह कार्य ग्रामीण समुदाय को अपने प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और टिकाऊ विकास की दिशा में सशक्त आधार प्रदान करता है।
133 बसाहटों में त्वरित गतिविधियों की सौ फीसदी संतृप्ति
जिले की 133 बसाहटों में त्वरित गतिविधियों की पूर्ण संतृप्ति हासिल की गई है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि प्रत्येक कमार परिवार तक योजना का लाभ समय पर पहुँचे। पीएमजनमन योजना के माध्यम से विकास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की रोशनी अब जिले की हर जनजातीय बसाहट तक पहुँच रही है।
दूरस्थ अंचलों में रहने वाले परिवार अब मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं और सुरक्षित, स्वस्थ तथा बेहतर जीवन की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं।



