Business

दिल्ली में सिर्फ 3 घंटे में 12,000 से ज्यादा चालान, रॉन्ग-साइड ड्राइविंग के आंकड़ों ने किया परेशान

Satya Report: दिल्ली में ट्रैफिक नियमों को गाड़ी के साइलेंसर पर रखकर उड़ाया जा रहा है। दिल्ली में गाड़ी चलाने वाले लोग ट्रैफिक नियमों को लेकर कितना गंभीर हैं, इसका अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश की राजधानी में सिर्फ 3 घंटे में 12,000 से ज्यादा चालान काटे गए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार को पूरे शहर में 3 घंटे का विशेष अभियान चलाया था। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के इस अभियान में 12,000 से ज्यादा चालान किए गए। इनमें गलत पार्किंग और रॉन्गसाइड ड्राइविंग के ज्यादातर मामले शामिल हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने खुद इसकी जानकारी दी।

दिल्ली में सिर्फ 3 घंटे में 12,000 से ज्यादा चालान, रॉन्ग-साइड ड्राइविंग के आंकड़ों ने किया परेशान
दिल्ली में सिर्फ 3 घंटे में 12,000 से ज्यादा चालान, रॉन्ग-साइड ड्राइविंग के आंकड़ों ने किया परेशान

रॉन्गसाइड ड्राइविंग के लिए 3500 से ज्यादा चालान

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए गए ये आंकड़े काफी परेशान करने वाले हैं। दिल्ली में सिर्फ 3 घंटे के सख्त अभियान में अगर 12,000 चालान हुए हैं तो आप इस बात का आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर ट्रैफिक पुलिस इसी तरह की सख्ती से 24 घंटे कार्रवाई करे तो चालान की संख्या कहां तक पहुंच सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि 3 घंटे के विशेष अभियान में सबसे ज्यादा गलत पार्किंग के लिए चालान किए गए। रविवार को ट्रैफिक पुलिस ने 8500 से ज्यादा गलत पार्किंग के लिए चालान किए। इसके अलावा, रॉन्गसाइड ड्राइविंग के लिए 3500 से ज्यादा चालान किए गए।

दिल्ली में खतरनाक समस्या बनती जा रही है रॉन्गसाइड ड्राइविंग

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस अभियान का उद्देश्य शहर के सभी जिलों और रेंज में ट्रैफिक जाम को कम करना तथा सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना था। बताते चलें कि दिल्ली जैसे महानगर में रॉन्गसाइड ड्राइविंग खतरनाक समस्या बनती जा रही है। रॉन्गसाइड ड्राइविंग करने वाले लोग सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे कई लोगों की जान के लिए भी भयानक खतरा हैं। दिल्ली के मौजूदा हालातों को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है और इस तरह से विशेष अभियानों को रोजमर्रा की प्रक्रिया बनाने की जरूरत है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply