Satya Report: इक्विटी म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करना आसान और अनुशासित तरीका माना जाता है. इसमें आप हर महीने थोड़ाथोड़ा पैसा लगाते हैं, जिससे समय के साथ कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है और अच्छा फंड बन सकता है.

लेकिन सिर्फ SIP शुरू करना ही काफी नहीं है, सही तरीके से करना भी जरूरी है. कई लोग छोटीछोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे उनका रिटर्न कम हो जाता है. अच्छी बात ये है कि इन गलतियों को आसानी से सुधारा जा सकता है.
सबसे आम गलतियां क्या हैं?
मार्केट गिरने पर SIP बंद करना
जब बाजार गिरता है तो लोग डरकर SIP रोक देते हैं. जबकि यही समय होता है जब सस्ते में ज्यादा यूनिट मिलती हैं.
SIP की रकम न बढ़ाना
आमदनी बढ़ने के साथ SIP भी बढ़ानी चाहिए. इससे बड़ा फंड बनता है और लक्ष्य जल्दी पूरे होते हैं.
सिर्फ टॉप रिटर्न वाले फंड के पीछे भागना
आज जो फंड अच्छा कर रहा है, जरूरी नहीं कल भी वही आगे रहे. इसलिए लंबी अवधि में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले फंड चुनें.
बिना लक्ष्य के निवेश करना
अगर आपके पास साफ लक्ष्य नहीं है, तो सही फंड और सही रकम तय करना मुश्किल हो जाता है.
बहुत ज्यादा फंड में पैसा लगाना
ज्यादा फंड लेने से पोर्टफोलियो बिखर जाता है. आमतौर पर 510 अच्छे फंड काफी होते हैं.
एसेट एलोकेशन को नजरअंदाज करना
सिर्फ इक्विटी में पैसा लगाना रिस्की हो सकता है. इक्विटी, डेट और गोल्ड में संतुलन रखना जरूरी है.
SIP की समीक्षा न करना
साल में कम से कम एक बार अपने निवेश की समीक्षा करें और कमजोर फंड को बदलें.
भावनाओं में आकर फैसले लेना
घबराहट में निवेश बेच देना नुकसानदायक हो सकता है. बाजार का उतारचढ़ाव सामान्य है.
इमरजेंसी फंड न बनाना
अगर अचानक खर्च आ जाए तो SIP टूट सकती है. इसलिए पहले 36 महीने का इमरजेंसी फंड रखें.
बहुत ज्यादा रिटर्न की उम्मीद करना
लंबे समय में इक्विटी SIP से आमतौर पर 1012% रिटर्न मिल सकता है, इसलिए वास्तविक उम्मीद रखें.
SIP पैसा बनाने का मजबूत तरीका है, लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने अनुशासित रहते हैं. सही रणनीति अपनाकर आप अपने फाइनेंशियल गोल आसानी से हासिल कर सकते हैं.



