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MP राज्यसभा चुनाव: वोट कम फिर भी भाजपा ने उतारा तीसरा उम्मीदवार, कैसे होगा बेड़ा पार?

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरी सीट के लिए महेश केवट को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है. इस बीच, कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है और अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन पर लगातार नजर रख रही है.

MP राज्यसभा चुनाव: वोट कम फिर भी भाजपा ने उतारा तीसरा उम्मीदवार, कैसे होगा बेड़ा पार?
MP राज्यसभा चुनाव: वोट कम फिर भी भाजपा ने उतारा तीसरा उम्मीदवार, कैसे होगा बेड़ा पार?

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन और बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट आज राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे. बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के बाद, अब सबकी नजरें चुनावी गणित और राजनीतिक दांवपेच पर टिकी हैं. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अपने विधायकों को दूसरे राज्य में ले जाने की रणनीति पर विचार कर रही है.

इसे अक्सर ‘बाड़ाबंदी’ कहा जाता है . चर्चा है कि विधायकों को तेलंगाना भेजा जा सकता है. चूंकि मीनाक्षी नटराजन अभी तेलंगाना कांग्रेस की प्रभारी हैं, इसलिए राजनीतिक हलकों में इस संभावना को लेकर काफी चर्चा है. हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

बीजेपी के पास 164 और कांग्रेस के पास 64 सीटें

विधानसभा की मौजूदा संरचना के आधार पर, 228 विधायक राज्यसभा चुनाव में वोट देने के पात्र हैं. जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को 58 वोटों की जरूरत होगी. बीजेपी के पास 164 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के पास 64 सीटें हैं. विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी का भी एक विधायक है. विजयपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक वोट नहीं डाल पाएंगे.

बीजेपी मजबूत, लेकिन तीसरी सीट पर फंसा पेच

बीजेपी के पास 116 वोट हैं, जो आसानी से दो सीटें जीतने के लिए काफी हैं. इसके बाद पार्टी के पास 48 वोट अतिरिक्त बचते हैं, जबकि तीसरी सीट जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत है. ऐसे में, बीजेपी को कम से कम 10 और वोटों का इंतजाम करना होगा. दूसरी ओर, कांग्रेस के पास 63 प्रभावी वोट हैं; BAP विधायक के समर्थन से यह संख्या 64 हो सकती है, जो जीत के लिए जरूरी संख्या से ज्यादा है. इसी वजह से तीसरी सीट के लिए मुकाबला बहुत दिलचस्प माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि क्रॉसवोटिंग या अतिरिक्त समर्थन इस सीट का नतीजा तय कर सकता है. वहीं, अब सबकी नजरें नामांकन प्रक्रिया और होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं.

कौन हैं महेश केवट?

इस बीच, बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट भी चर्चा का विषय बने हुए हैं. निवाड़ी जिले के ओरछा के रहने वाले महेश केवट अभी मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें हाल ही में, 6 मई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उन्होंने बीजेपी संगठन में जिला उपाध्यक्ष, जिला सचिव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य जैसी अहम भूमिकाएं भी निभाई हैं. अब राज्यसभा के लिए मैदान में हैं.

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