
लखनऊ, अमृत विचार: वित्तीय वर्ष 202627 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 तक विभागों की प्राप्तियों और व्यय के आंकड़ों का महालेखाकार कार्यालय में दर्ज आंकड़ों से मिलान कराया जाएगा। वित्त विभाग ने मंगलवार को विभागवार कार्यक्रम तय करते हुए लेखा मिलान की प्रक्रिया 24 अगस्त से 11 सितंबर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन विभागाध्यक्षों और नियंत्रक अधिकारियों के माध्यम से निर्धारित अवधि में लेखा मिलान की कार्रवाई पूरी कराएं। इसके लिए डीडीओ रिकंसिलिएशन शीट के साथ मासिक व्यय विवरण बीएम4 और बीएम13 महालेखाकार कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में लेखा मिलान नहीं कराने की जिम्मेदारी संबंधित नियंत्रक अधिकारी की होगी। ऐसी स्थिति में महालेखाकार कार्यालय से प्रमाणित आंकड़ों को अंतिम माना जाएगा। वित्त विभाग ने वर्ष 200102 से 202526 तक स्वीकृत अनावर्ती सहायता अनुदानों के लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा लंबित एसी बिलों के सापेक्ष डीसी बिल भेजने तथा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए दीर्घकालीन अग्रिमों का नियमित त्रैमासिक मिलान कराने को भी कहा गया है।
विभागवार लेखा मिलान की तय हुईं तिथियां
शासनादेश के अनुसार 24 अगस्त को आबकारी, आवास समेत शुरुआती विभागों का लेखा मिलान होगा। 25 अगस्त को कृषि समेत संबंधित विभागों, जबकि 27 अगस्त को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा से कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग तक के विभागों का मिलान किया जाएगा। खाद्य एवं रसद, खेल एवं युवा कल्याण, गन्ना विकास समेत कई विभागों के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई है। गृह, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभागों का मिलान एक सितंबर को होगा। नगर विकास से निर्वाचन तक के विभागों का लेखा मिलान दो सितंबर, न्याय, परिवहन और पर्यटन आदि विभागों का तीन सितंबर तथा राजस्व, लोक निर्माण और वन समेत संबंधित विभागों का सात सितंबर को होगा। विधानमंडल, वित्त, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा आदि विभागों के लिए आठ और नौ सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है। शेष विभागों को 10 और 11 सितंबर को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। शासनादेश में कहा गया है कि सूची में किसी विभाग का नाम छूट गया हो तो उसे भी 11 सितंबर तक लेखा मिलान कराना अनिवार्य होगा।
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