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याददाश्त​​​ और एकाग्रता बनाए रखने के लिए न्यूरोसाइंटिस्ट​​​​​​ अपनाते हैं ये 6 आदतें, आपको भी मिल सकता है फायदा

याददाश्त​​​ और एकाग्रता बनाए रखने के लिए न्यूरोसाइंटिस्ट​​​​​​ अपनाते हैं ये 6 आदतें, आपको भी मिल सकता है फायदा

क्या आप कभी चाबियां रखकर भूल जाते हैं? या फिर किसी जरूरी काम के बीच अचानक आपका ध्यान भटकने लगता है? उम्र और व्यस्त दिनचर्या के साथ ऐसी परेशानियां कई लोगों को महसूस हो सकती हैं। दिमाग को सक्रिय और स्वस्थ रखने के लिए जरूरी नहीं कि आप सुबह 5 बजे उठें या घंटों कठिन एक्सरसाइज करें। रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें भी मानसिक सेहत और एकाग्रता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।

न्यूरोसाइंटिस्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स (UCLA) के प्रोफेसर और किताब ‘द अपवर्ड स्पाइरल’ के लेखक एलेक्स कॉर्ब का कहना है कि दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए किसी बहुत सख्त डेली रूटीन की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, अपनी दिनचर्या को जरूरत से ज्यादा नियमों में बांधने से तनाव बढ़ सकता है। वह पिछले करीब 20 वर्षों से न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और अपने जीवन में कुछ सरल आदतों को महत्व देते हैं।

आइए जानते हैं वे कौन सी छह आदतें हैं, जिन्हें अपनाकर आप भी अपने दिमाग की सेहत का ध्यान रख सकते हैं।

1. भारी वर्कआउट के बजाय रोजाना शरीर को सक्रिय रखें

दिमाग की सेहत के लिए शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके लिए हर दिन घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं है। नियमित रूप से चलना-फिरना और छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियां भी फायदेमंद हो सकती हैं।

एलेक्स कॉर्ब के मुताबिक, वह सुबह नाश्ते से पहले थोड़ी देर योग और करीब 20 पुश-अप्स करते हैं। काम के दौरान जब उन्हें ब्रेक की जरूरत होती है, तो वह लगभग 10 मिनट टहलने चले जाते हैं।

इसके अलावा किचन साफ करना, किराने का सामान उठाना और सीढ़ियां चढ़ना जैसी सामान्य गतिविधियां भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं। आप भी लंबे समय तक एक जगह बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर चल सकते हैं।

2. रोज कुछ ऐसा करें जिससे आपको खुशी मिले

लगातार काम करते रहने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। इसलिए दिन में कुछ समय ऐसी गतिविधियों के लिए निकालना जरूरी है, जिनसे आपको खुशी मिलती हो।

एलेक्स कॉर्ब अपने खाली समय में गिटार बजाना, किताबें पढ़ना और पसंदीदा फिल्म या शो देखना पसंद करते हैं। वह काम को भी कभी-कभी खेल की तरह करने की कोशिश करते हैं।

उदाहरण के लिए, वह खुद को चुनौती देते हैं कि पांच मिनट में कितना किचन साफ कर सकते हैं या किसी खेल में कितना अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

अपनी पसंद की गतिविधियों में शामिल होने से मन को अच्छा महसूस हो सकता है और तनाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

3. ऐसे कामों को प्राथमिकता दें जिनका जिंदगी में कोई मकसद हो

हर जरूरी काम मजेदार हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार हमें ऐसे काम भी करने पड़ते हैं जिनमें समय और मेहनत लगती है। लेकिन अगर उन कामों को किसी बड़े उद्देश्य से जोड़कर देखा जाए, तो उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिल सकती है।

एलेक्स कॉर्ब का सुझाव है कि मुश्किल कामों को उनके पीछे छिपे मकसद से जोड़कर देखें।

उदाहरण के लिए, डेंटिस्ट के पास जाना सिर्फ एक अपॉइंटमेंट नहीं है, बल्कि अपने दांतों और सेहत का ध्यान रखने का तरीका है। इसी तरह ईमेल का जवाब देना अपने काम और क्लाइंट्स के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने में मदद कर सकता है।

जब आपको अपने काम का उद्देश्य समझ आता है, तो उसे पूरा करने की प्रेरणा बनाए रखना आसान हो सकता है।

4. छोटी-छोटी उपलब्धियों को भी महत्व दें

कई लोग बड़े लक्ष्य हासिल करने के चक्कर में रोज की छोटी सफलताओं को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे कई बार उन्हें लगता है कि वह पर्याप्त काम नहीं कर पा रहे हैं।

एलेक्स कॉर्ब बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की सलाह देते हैं। इससे काम पूरा करने की प्रक्रिया आसान लगती है और बीच-बीच में प्रगति का एहसास भी होता है।

इसके लिए वह पोमोडोरो तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इस तरीके में लगभग 25 मिनट तक एक काम पर ध्यान लगाया जाता है और फिर छोटा ब्रेक लिया जाता है।

हर छोटे लक्ष्य को पूरा करने के बाद चेकमार्क लगाना भी उपयोगी हो सकता है। इससे दिन के अंत में अपनी प्रगति को देखना आसान हो जाता है, भले ही कोई बड़ा काम अभी पूरा न हुआ हो।

5. दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं

व्यस्त जिंदगी में अक्सर लोग दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलना कम कर देते हैं। लेकिन सामाजिक जुड़ाव भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

अपने करीबियों से बातचीत करना, उनके साथ समय बिताना और अपनी बातें साझा करना भावनात्मक सहारा दे सकता है। इससे अकेलेपन और तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

एलेक्स कॉर्ब भी उन लोगों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने को महत्व देते हैं, जिनके साथ उन्हें अच्छा महसूस होता है। इसलिए काम की व्यस्तता के बीच रिश्तों के लिए भी समय निकालें।

6. दिमाग को आराम और खुद को रीसेट करने का समय दें

लगातार काम करते रहना हमेशा बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता। जिस तरह खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए आराम और नींद की जरूरत होती है, उसी तरह दिमाग को भी बीच-बीच में ब्रेक चाहिए।

एलेक्स कॉर्ब के मुताबिक, आराम को समय की बर्बादी नहीं समझना चाहिए। यह शरीर और दिमाग को फिर से सक्रिय करने का जरूरी हिस्सा है।

दिनभर काम के बीच छोटे ब्रेक लें, पर्याप्त नींद लें और खुद को ऐसी गतिविधियों से दूर रखने का समय दें जो लगातार मानसिक दबाव बढ़ाती हैं।

दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है संतुलित दिनचर्या

दिमाग की सेहत बनाए रखने के लिए किसी एक आदत पर निर्भर रहने के बजाय नियमित शारीरिक गतिविधि, अच्छी नींद, सामाजिक जुड़ाव, पसंदीदा काम और मानसिक आराम को दिनचर्या में शामिल करना बेहतर है।

यह भी याद रखें कि इन आदतों से याददाश्त तेज होने या भविष्य में किसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पूरी तरह बचाव की गारंटी नहीं मिलती। अगर भूलने की समस्या लगातार बढ़ रही है या रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताई गई आदतें किसी चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं। याददाश्त, एकाग्रता या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी लगातार परेशानी होने पर योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

contact.satyareport@gmail.com

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